प्रदेश के होमस्टे में ठहरना जीवन का अविस्मरणीय पल: केंद्रीय राज्य मंत्री उइके

भोपाल
एमपी टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटकों को प्रदेश की संस्कृति से परिचय और प्राकृतिक सौंदर्य से विस्मित कर देने के उद्देश्य से बनाए गए होमस्टे ठहरने का एक लोकप्रिय और आकर्षक विकल्प बन गए हैं। इन होमस्टे के माध्यम से ग्रामीण जीवनशैली के साथ ही स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और खानपान अनुभव कर रहे हैं। इस अविस्मरणीय अनुभव को केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके और उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद श्री मोहन नागर ने पर्यटन ग्राम बांचा में स्वयं महसूस किया। शनिवार की रात अलाव के बीच ग्रामीणों से चर्चा की और स्थानीय संस्कृति को करीब से जाना। रविवार सुबह प्राकृतिक सौंदर्य के बीच भुने हरे चने का नाश्ता के साथ देशी महुआ पत्तल में कढ़ी, बेसन और प्याज के भजिये का लुत्फ उठाया। साथ ही समीप जंगल का भ्रमण भी किया। केंद्रीय राज्य मंत्री बोले प्रदेश के होमस्टे में ठहरना जीवन का अविस्मरणीय पल बन गया है।  केंद्रीय राज्य मंत्री श्री उइके ने ग्रामीणों से गांव के विकास को लेकर चर्चा भी की।

 केंद्रीय राज्य मंत्री श्री उइके ने  कहा कि पर्यटन ग्राम बांचा आकर आनंद की अनुभूति हुई। यहां की शांति, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण परिवेश अद्भुत है। खासकर, गांव के पारंपरिक व्यंजन बहुत स्वादिष्ट थे। एमपी टूरिज्म बोर्ड की यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीण पर्यटन को नया आयाम देगी और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड लगातार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश के प्राणपुर, साबरवानी और लाड़पुरा खास को देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों के रूप में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा चुना भी जा चुका है। फ़िलहाल प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन परियोजना के अंतर्गत कुल 407 होमस्टे का सफल संचालन किया जा रहा है, जिसमें ग्राम होमस्टे की संख्या 171 हो चुकी है।

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बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड के बांचा गांव में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने परियोजना के अंतर्गत 2023 में इस गांव का चयन किया गया था। पिछले दो वर्षों से “बैक टू विलेज” (B2V) कार्यक्रम के तहत यहां ग्रामीण पर्यटन को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत 15 फरवरी 2025 को यहाँ पांच होमस्टे का उद्घाटन किया गया था।

 ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थानीय निवासियों को अपने घरों को होमस्टे के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं। एमपी टूरिज्म बोर्ड की पहल से पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के बीच ठहरने का अवसर मिलता है, जिससे वे शहरी जीवन की भागदौड़ से दूर सुकून के पल बिता सकते हैं।

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