– आइए हम सभी मिलकर जल को सहेजें और जल संरक्षण के उपायों को अपनाएं
– हमें व्यापक पैमाने पर वर्षा ऋतु में जल का संरक्षण करना होगा तथा वाटर रिचार्ज करना होगा

राजनांदगांव । विश्व जल दिवस के अवसर पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने नागरिकों से जल संरक्षण करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जल है तो कल है। जिले में बोरवेल तथा ट्यूबवेल पंप के माध्यम से भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण भूजल स्तर में कमी आई है। जिससे जिले के राजनांदगांव, डोंगरगांव एवं डोंगरगढ़ विकासखंड क्रिटिकल जोन में आ गए हैं और पानी की कमी की स्थिति बनी है। उन्होंने किसानों को जल संरक्षण के दृष्टिगत ग्रीष्म ऋतु में धान के बदले कम पानी की आवश्यकता वाले अन्य फसल लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कृषक फसल विविधीकरण को अपनाएं। उन्होंने किसान से बोरवेल तथा ट्यूब वेल के माध्यम से भू-जल स्तर से पानी लेकर रबी सीजन में धान की खेती नहीं करने की अपील की। जल के संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, मिनी परकोलेशन टैंक, डबरी, तालाब, कुआं जैसी जलीय संरचनाओं का निर्माण करना तथा पौधरोपण करना जरूरी है। जिले में मिशन जल रक्षा के तहत सघन अभियान के तौर पर जनसहभागिता से जल संचयन के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पानी व्यर्थ न बहे। पानी की हर एक बूंद अनमोल है, इसलिए पानी की बचत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसान भू-जल से अधिक पानी की आवश्यकता वाली फसल धान एवं सोयाबीन जैसी फसल नहीं लेंगे, तो बेहतर रहेगा। उद्योगों द्वारा भी भू-जल का उपयोग किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। हमें व्यापक पैमाने पर वर्षा ऋतु में जल का संरक्षण करना होगा तथा वाटर रिचार्ज करना होगा। कैच द रैन अभियान के तहत खेत का पानी खेत में तथा गांव का पानी गांव का पानी में रहें, इस अवधारणा के साथ कार्य करना होगा। वर्षा के जल का अधिक से अधिक संरक्षण करते हुए हम इस समस्या से निजात पायेंगे। आइए हम सभी मिलकर जल को सहेजें और जल संरक्षण के उपायों को अपनाएं।

By kgnews

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