पीएचई विभाग के सहायक अभियंता पीएस बघेल का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर में तेजी से पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। थोड़ा समय लगेगा, लेकिन ग्रामीणों को इससे आराम मिलेगा। पेयजल लाइन जमीन से ऊपर डाल दी गई है तो यह सही नहीं है। ठेकेदारों को इसके लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल जो ऊपर पाइप हैं, उनको नीचे कराया जाएगा।  हर घर तक पेयजल पहुंचाने के लिए भारत सरकार की योजना है, जल जीवन मिशन। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में इस योजना में न तो जीवन ही रह गया और न ही जल पहुंच रहा है। मिशन के तहत अफसरों ने लोगों के घरों में नल तो लगा दिए, लेकिन उनमें जल ही नहीं आता। इसके चलते आज भी लोग कई किमी पैदल सफर कर गड्ढों में भरा पानी पीने के लिए मजबूर हैं। आरोप है कि अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते यह हुआ है। वहीं अफसरों का कहना है कि हमने तो स्पष्ट ठेकेदारों को बता रखा है। हालांकि इस पर क्या कार्रवाई करेंगे, इसे लेकर चुप हैं। दरअसल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के की ओर से जिले में जल जीवन मिशन के तहत करीब 450 करोड़ की लागत से ग्रामीण इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके अंतर्गत जिले के 222 ग्रामों के 79077 घरों में प्रस्तावित कनेक्शन में से 72937 में घरेलू नल कनेक्शन देना है। गौरेला विकासखंड के दूरस्थ आदिवासी गांव टीडी में करीब डेढ़ साल पहले मिशन के तहत घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने नल लगाए गए हैं। इनमें पेयजल की सप्लाई के लिए आंगनबाड़ी भवन के पास टंकी भी रखी गई है और पेयजल लाइन भी बिछ गई, पर पानी घरों में नहीं पहुंचा।  बताया जा रहा है कि टंकी जिस जगह बनाई गई वह ढलान का क्षेत्र है, जबकि बस्ती ऊंचाई पर है। शासन की गाइडलाइन में पाइप लाइन को तीन फीट अंदर डालना था, लेकिन ठेकेदार ने उसे जमीन के ऊपर ही रख दिया। इसके कारण पानी लोगों के घरों तक आज तक पहुंच ही नहीं सका है। ग्रामीण आज भी पेयजल के लिए गड्ढे से गंदा पानी लेने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घर में जो नल के लिए पाइप लगाया गया है वो सिर्फ दिखावा है। उसका फायदा उन्हें आज तक नही मिला है। दूसरी ओर अफसर व्यवस्था दुरुस्त करने की बात तो कहते हैं, पर कार्रवाई पर शांत हैं। 

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *