कारगिल युद्ध में प्रज्वल के पिता लांस नायक कृष्णजी समरित शहीद हो गए थे। उस दौरान प्रज्वल का जन्म भी नहीं हुआ था। पिता के शहीद होने के 45 दिन बाद उनका जन्म हुआ। माता-पिता का सपना था कि उनकी संतान भी आर्मी अफसर बनें। पिता की शहादत के वर्षों बाद प्रज्वल ने सेना में अधिकारी बनकर अपने माता-पिता का सपना साकार कर दिया है। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य को हासिल किया। प्रज्वल का आर्मी में अधिकारी बनने का सफर इतना आसान नहीं रहा है। उन्होंने 9 बार एसएसबी का इंटरव्यू दिया। यह उनका आखिरी प्रयास था। प्रज्वल ने बताया कि उन्होंने इस बार के लिए जमकर मेहनत की थी, जो कमियां थी, उनपर काम किया था। प्रज्वल जून के पहले सप्ताह में इंडियन मिलिट्री अकादमी में जेंटलमेन कैडेट के रूप में शामिल होंगे।
प्रज्वल के बड़े भाई कुनाल ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र को चुना, जिसके बाद प्रज्वल ने पिता के सपने को पूरा करने का निश्चय कर लिया। यही उनके घर के बाकी सदस्यों की भी इच्छा थी। प्रज्वल ने बताया कि उन्होंने अपना बैकअप प्लान भी बनाया था। उन्होंने कैट की परीक्षा भी क्वालीफाई कर ली है। इसके साथ ही उनके पास आईआईएस इंदौर और कोझिकोड से भी ऑफर मिला था।
प्रज्वल की मां सविता (52) ने बताया कि उनके पति कारगिल युद्ध में शहीद हो गए थे। उन्होंने बताया कि उनके पति चाहते थे कि उनका बड़ा बेटा सेना में अधिकारी बनें। लेकिन बड़े बेटे कुनाल के इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाने के बाद उनकी उम्मीदें छोटे बेटे प्रज्वल पर टिकी थीं, जिसे उसने साकार कर दिया है।
