राजनांदगांव। ग्रीष्म कालीन अवकाश लगने के साथ स्कूलों में और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब एक ही परिसर में संचालित स्कूलों को मर्ज किया जाएगा। स्कूलों को मर्ज करने दर्ज संख्या को आधार बनाया गया है।
जिले में करीब 330 स्कूलों को समायोजित किया जाएगा और 200 से ज्यादा अतिशेष शिक्षकों को जहां जरूरत वहां भेजने की तैयारी है। शिक्षा विभाग द्वारा इसकी प्रक्रिया शुरू करने के बाद सालों से एक स्कूल में जमे शिक्षकों का टेंशन बढ़ गया है। अंचल के कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। शहर के स्कूलों में अतिशेष शिक्षक सालों से जमे हैं। आदेश मिलते ही शिक्षा विभाग युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में जुट गया है। इससे जिले के 330 से ज्यादा स्कूल मर्ज होंगे।
सरकारी स्कूलों में बच्चों की घटती दर्ज संख्या के कारण युक्तियुक्त करण की जरूरत है। शहर में भी यही स्थिति है जहां बच्चों की दर्ज संख्या घटने के बाद भी शिक्षक जमे हुए है। ऐसे कई स्कूल है जहां 2 शिक्षक हैं लेकिन प्राइमरी स्कूल में 5 क्लास को 2 शिक्षक कैसे पढाएंगे यह भी सवाल खड़ा होता है।
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