एक दुकान में दोषी, दूसरी में पदस्थापन: आबकारी विभाग के सुपरवाइजर पर सवाल
राजनांदगांव . जिले के सोमनी (पूर्व) स्थित चिखली कम्पोजिट मदिरा दुकान में अधिक दर पर शराब बिक्री का मामला सामने आया है। 9 मई 2025 को दुर्ग आबकारी संभागीय उड़नदस्ता की टीम ने यहां आकस्मिक जांच कर 12 पाव गोवा स्पेशल व्हिस्की ₹1,440 के स्थान पर ₹1,500 में बेचे जाने की पुष्टि की। इस मामले में सेल्समैन योगेश भावे और मुख्य विक्रयकर्ता धनपत ध्रुव के खिलाफ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण क्रमांक 19/2025 दर्ज किया गया। विभाग ने दोनों को तत्काल सेवा से पृथक कर ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए थे।
हालांकि, CSMCL की वेबसाइट पर अब तक इन कर्मचारियों का नाम ब्लैकलिस्ट सूची में शामिल नहीं किया गया है। वहीं, गंभीर सवाल इस बात पर उठ रहे हैं कि दोषी पाए गए चिखली दुकान के सुपरवाइजर धनपत ध्रुव को ही सोमनी सकरा दुकान में फिर से नियुक्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं, अर्जुनी दुकान के सुपरवाइजर चंद्रशेखर भट्ट को गेड़ाटोला में भी जिम्मेदारी दे दी गई है।
इस नियुक्ति व्यवस्था पर आबकारी विभाग के अधिकारी गरीब पाल दर्दी के कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। क्या विभाग दोषियों को संरक्षण दे रहा है? और क्या नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से पदस्थापन किया जा रहा है? जवाब अब जनता और शासन दोनों को चाहिए।
