CG : मुआवजा राशि के लिए लाश को बनाया मोहरा

बिलासपुर। बिल्हा थाना क्षेत्र में आत्महत्या के एक मामले को सांप काटने की घटना बताकर सरकारी योजना से आर्थिक लाभ उठाने की साजिश का खुलासा हुआ था। 18 महीने पहले हुई इस संदिग्ध मौत की असलियत जानने के लिए पुलिस ने शनिवार को मुक्तिधाम की जमीन खुदवाकर कंकाल बाहर निकाला और उसे दोबारा जांच के लिए सिम्स भेज दिया।

मामला पोड़ी निवासी शिवकुमार धृतलहरे ;36 वर्षद्ध की मौत का है। 12 नवंबर 2023 को उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। अस्पताल ले जाने पर मौत के बाद महिला डॉक्टरए वकील और कुछ एजेंटों ने मिलकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर दी। रिपोर्ट में मौत की वजह ष्सांप के काटनेष् को बताया गयाए जिससे मामला प्राकृतिक मौत का प्रतीत हो। फर्जी रिपोर्ट के आधार पर शासन की योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता की राशि निकाली गई और उसका गबन कर लिया गया। बाद में जब पुलिस को मामले में गड़बड़ी की आशंका हुई तो जांच आगे बढ़ाई गई।

लंबी जांच के बाद कोर्ट से निर्देश लेकर शनिवार को बिल्हा पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मुक्तिधाम की जमीन खुदवाकर शिवकुमार धृतलहरे का कंकाल बाहर निकाला। अवशेषों को सिम्स की मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा गया है, जहां अब फोरेंसिक जांच की जाएगी। साथ ही मृतक के बिसरा को भी जब्त कर लैब भेजा जाएगा। मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों और डॉक्टरों की विशेष टीम गठित की गई है। फर्जी रिपोर्ट और राशि गबन मामले में अब तक वकील कामता प्रसाद साहू, सिम्स की डॉक्टर प्रियंका सोनी समेत अन्य आरोपियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा चुका है।

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