रायपुर : टसर कोसा उत्पादन, ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार

छत्तीसगढ़ में टसर कोसा उत्पादन के लिए रेशम विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 39.76 करोड़ रूपए का टसर कोसा का उत्पादन किया गया है। इससे न केवल अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवार लाभान्वित हो रहे है बल्कि बड़ी संख्या में कोसा से जुड़े उद्योगों तथा धाग बनाने वाले कामगारों, बुनकरों, डिजाईनरों और प्रिन्टरों रोजगार मिल रहा है।
 
रेशम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आदिवासी उप योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में टसर कोसा उत्पादन से जुड़े 21 हजार 362 ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया गया इनमें अधिकांश अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से संबंधित है। आगामी वित्तीय वर्ष 2020-21 में रेशम विभाग द्वारा टसर कोसा उत्पादन के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत कोसा उत्पादन से 86 हजार 253 ग्रामीणों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 5 सौ हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन पौध रोपण किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि नई सरकार बनने के बाद प्रथम छह माह में राज्य में 25.04 करोड़ मूल्य का 6.26 करोड़ कोसा फलों का उत्पादन हुआ। कोसा फलों के प्रोसेसिंग के बाद 111.73 मीट्रिक टन रॉ सिल्क का उत्पादन हुआ। जिसका बाजार मूल्य 39.76 करोड़ रूपए है। इस रॉ सिल्क से 12.41 लाख मीटर कोसे कपड़े का उत्पादन किया जाएगा। जिसका बाजार मूल्य 74.49 करोड़ रूपए है।

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