अशोकनगर
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इन दिनों अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर है। इस बीच जिले में पिछले दिनों बाढ़ से हुए नुकसान के बाद इन क्षेत्रों का दौरा किया। इसी कड़ी में जिले के बाढ़ग्रस्त नईसराई क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों का भ्रमण किया। साथ ही पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। इसी कार्यक्रम में उन्होंने कलेक्टर की जमकर तारीफ की।
जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि सरकार आपके साथ खड़ी है। और आपके पास तो ऐसे कलेक्टर हैं जो गाड़ी में बैठकर बत्ती नहीं चलाते वह तो साइकिल पर बैठकर अशोकनगर से चंदेरी पहुंच जाते हैं। इन के लिए तालियां बजाएं। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने भी सिंधिया से कलेक्टर आदित्य सिंह की तारीफ की और कहा कि वे कीचड़ में चलकर एक-एक घर तक पहुंचे थे। जिस पर से सिंधिया ने फिर एक बार उनके लिए ताली बजवाई।
सिंधिया ने तारीफ में पढ़े कसीदे
मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधियाने इस दौरान संबोधित करते हुए कहा हमारे नाम भी एक ही है ये आदित्य है और मैं ज्योतिरादित्य हूं। उन्होंने कलेक्टर को धन्यवाद देते कहा कि ये लोग और हम कई रात से सोए नहीं हैं। बाढ़ के समय आप लोगों की चिंता बनी रहती थी। उस समय इन्होंने कलेक्टर की तरह नहीं बल्कि परिवार के सदस्य की तरह लोगों की सेवा। सिंधिया की तारीफ पर से कलेक्टर मस्कुराए और केंद्रीय मंत्री सिंधिया को थैंक्यू बोला।
कलेक्टर की कार्यशैली से हुए प्रभावित
अक्सर केंद्रीय मंत्री सिंधिया अधिकारियों की कम ही तारीफ करते है। वह उन्हें डांटते फटकारते नजर आते हैं। लेकिन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोक नगर कलेक्टर ने अपनी कार्यशैली से प्रभावित कर चुके हैं। सिंधिया ने पहली बार कलेक्टर आदित्य सिंह की तारीफ नहीं की है। इससे पहले भी जब केंद्रीय मंत्री सिंधिया दौरे पर आए थे तो चंदेरी में भी कलेक्टर की जमकर तारीफ की थी।
4 महीने पहले की है ज्वाइन
कलेक्टर आदित्य सिंह पिछले चार माह पहले अशोकनगर में ज्वॉइन किया था। इसके बाद से ही लगातार अपनी ताबड़तोड़ कार्रवाई करने के लिए चर्चा में बने रहते हैं। इसके साथ साइकिल से क्षेत्र का 65 किमी का दौरा करने वाले पहले कलेक्टर बने। जिनकी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गए हैं।
कौन हैं कलेक्टर आदित्य सिंह
अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह 2014 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। यहां पदभार संभालने से पहले वे हरदा में कलेक्टर के पद पर रहे हैं। हादसा पटाखा फैक्टी ब्लास्ट के समय उनकी संकट प्रबंधन क्षमता और प्रशासनिक दक्षता के लिए फेमस हुए थे। प्रशासनिक फेरबदल के बाद अशोकनगर में पोस्टिंग हुई। इसके बाद से ही यहां विकास कार्यों, बाढ़ आपदा प्रबंधन के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने उनकी निगरानी करने में सक्रिय हैं।
रीवा जिले में जन्मे आदित्य सिंह का बचपन अनुशासन में बीता। डॉक्टर पिता और माता गृहणी है। इसके साथ ही आदित्य सिंह ने रुणकी के इंजीनियरिंग की डिग्री ली है। उन्होंने 2013 में पीएससी के पहले ही प्रयास में 47वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया।
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