MP में झमाझम बारिश, इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

भोपाल 
मध्य प्रदेश के कई जिलों में आज भी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक और बारिश होने की संभावना जताई है। भोपाल जिले में अब तक 38 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो इस सीजन के कोटे से केवल 2 इंच कम है। बड़ा तालाब छलकने की कगार पर पहुंच गया है। ऐसे में भदभदा डैम के गेट किसी भी समय खोले जा सकते हैं। बात दें कि मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मध्य प्रदेश में इस मॉनसूनी सीजन में औसत से अधिक करीब 40 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे का 108 प्रतिशत है। हालांकि अब तक 32.1 इंच बारिश होनी थी, प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मॉनसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। यह लगातार दूसरे साल प्रदेश में सामान्य से ज्यादा है। फिलहाल मॉनसून के 25 दिन ओर बाकी हैं, ऐसे में यह आंकड़ा और भी बढ़ने के संभावना जताई जा रही है।
उज्जैन इंदौर रतलाम में हालात बिगड़े

लगातार हो रही बारिश से इंदौर, उज्जैन और रतलाम जिले के हालात बिगड़ रहे हैं, मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। अगले 24 घंटे में रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। उज्जैन संभाग के नीमच, मंदसौर, देवास और आसपास के जिले इंदौर, बड़वानी, खंडवा, राजगढ़, गुना, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 24 घंटे में यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है।

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सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में गुरुवार को चार सिस्टम एक्टिव रहे। इनमें एक मॉनसून समेत दो टर्फ, एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम शामिल हैं। शुक्रवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल सकती है, इसलिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। एमपी में जब से मॉनसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मॉनसून जमकर बरसा है। प्रदेश के 20 जिलों में बारिश का कोटा फुल हो गया है।
उज्जैन घाट पर बने मंदिरों में पानी भरा

बुधवार ओर गुरुवार उज्जैन और आसपास के जिले देवास ओर इंदौर में रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। बुधवार देर रात और गुरुवार रुक-रुक कर हुई बारिश से शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिप्रा नदी उफान पर आ गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर से रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर पानी आने से मंदिर डूब गए। वहीं अंगारेश्वर महादेव मंदिर में क्षिप्रा का जल घुस गया। घाट पर स्थित सभी मंदिर जलमग्न हो गए हैं। साथ ही चिंतामण जवासिया, खरेट सहित गांव के घरों तक पानी पहुंचा। दाउदखेड़ी में बन रही कॉलोनियों के चलते गांव के रास्ते पानी में डूब गए। नालों के ऊपर हो रहे निर्माण से पानी निकल नहीं पा रहा। यहां से आरटीओ जाने वाला रास्ता पानी भरने के चलते तालाब जितना भरा मिला, जहां एक बस भी काफी समय तक फंसी रही। इस दौरान शहर में हुई बारिश के कारण बहादुरगंज, एटलस चौराहा, केडी गेट, नीलगंगा, इंदौर गेट, दशहरा मैदान सहित कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। इन क्षेत्रों के रहवासी जलभराव के कारण खासे परेशान नजर आ रहे हैं।

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उज्जैन जिले में प्रशासन ने लोगों से नदियों-घाटों के पास नहीं जाने की अपील की है, क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण उज्जैन बड़नगर मार्ग स्थित छोटा ब्रिज पूरी तरह से डूब गया है। उज्जैन कलेक्टर ने पुलिस बल के साथ एसडीई आरएफ टीम को मौके पर तैनात किया है।

क्षिप्रा किनारे रामघाट पर नगर निगम, होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीमें तैनात हैं। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को दूर रखा जा रहा है बात दे कि उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि घाट किनारे स्थित मंदिर गुंबद तक जलमग्न हो गए है। ग्रामीण क्षेत्र के चिंतामन थाना के दाउद खेडी गांव में एक स्कूल बस और सरकारी स्कूल में कुछ छात्र और टीचर जलभराव के दौरान फंस गए। आसपास इतना पानी भर गया कि मोटर बोट से टीचर्स को रेस्क्यू करना पड़ा। 7 सदस्यीय एसडीईआरएफ टीम ने सभी टीचर्स को निकालकर सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
गुना में सबसे ज्यादा, 5 जिलों में कम

एमपी के गुना जिले में अब तक सबसे ज्यादा बारिश हुई है तो वहीं उज्जैन संभाग सहित एमपी के 5 जिलों में बारिश फिलहाल औसत से कम है, यह जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। इसमें खरगोन में सबसे कम 24.7 इंच, खंडवा में 24.9 इंच, बड़वानी में 25.2 इंच, बुरहानपुर में 25.5 इंच और शाजापुर में 25.6 इंच बारिश हुई है। इस मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 62.9 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 30.5 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 55.5 इंच बारिश हो चुकी है। शिवपुरी में 52.9 इंच, अशोकनगर में 52.6 इंच और श्योपुर में 55.3 इंच पानी गिर चुका है।
ब्लॉक की वजह से ट्रेनें निरस्‍त

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रतलाम नागदा खंड में ब्‍लॉक के कारण कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के रतलाम-नागदा खंड में ऑटोमेटिक ब्‍लॉक सिगनलिंग प्रणाली को लागू करने के लिए शीघ्रता से काम जारी है। रतलाम-नागदा खंड में ऑटोमेटिक ब्‍लॉक सिगनलिंग सिस्‍टम को कार्यान्वित करने के लिए 6 सितंबर को प्रस्‍तावित ब्‍लॉक के कारण मंडल की कुछ ट्रेनें प्रभावित होगी।

6 सितंबर 25 को निम्‍न ट्रेनें निरस्‍त रहेंगी : 59318 उज्‍जैन – नागदा पैसेंजर 59346 नागदा-उज्‍जैन पैसेंजर,59345 रतलाम-नागदा पैसेंजर 6 सितम्‍बर, 25 को नागदा से चलने वाली गाड़ी संख्‍या 19341 नागदा बीना एक्‍सप्रेस, उज्‍जैन से चलेगी तथा नागदा से उज्‍जैन के मध्‍य निरस्‍त रहेगी। ट्रेनों की आगमन/प्रस्‍थान समय सहित अन्‍य अद्यतन जानकारियों के लिए यात्री कृपया www.enquiry. indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

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