राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया : राज्यपाल पटेल

राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल से गोवा के सूचना एवं प्रचार विभाग का प्रतिनिधि मंडल मिला

भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल से गोवा के सूचना एवं प्रचार विभाग का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को राजभवन में मिला। निदेशक सूचना एवं प्रचार दीपक बांडेकर के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय प्रवास के दौरान राजभवन आया था।राज्यपाल पटेल का निदेशक सूचना एवं प्रचार ने गोवा का पारंपरिक परिधान पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया और दल के सदस्यों का परिचय कराया।इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के साथ चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशा-अनुसार उन्होंने राजभवन को लोक कल्याण का केन्द्र बनाया है। प्रदेश के दूरस्थ पिछड़े और वंचित क्षेत्रों के साथ जीवंत संवाद कायम किया है। कार्यकाल के पहले दो वर्षों में ही प्रदेश के सभी जिलों का भ्रमण किया है। वंचितों के साथ आत्मीयता के सूत्र कायम किए है। वे प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घर पर परिजनों के साथ सह भोज करते है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सजग करने की मंशा से पूर्व में पांच गांवों के भ्रमण का कार्यक्रम देते हैं। अंतिम क्षण में किसी एक गांव का भ्रमण कर सम्पर्क और संवाद के द्वारा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं।

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश के वनों, दर्शनीय स्थलों के संबंध में भी दल को जानकारी दी। प्रदेश के विकास कार्यों और गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने दल को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में कार्य के अनुभवों को साझा किया।बताया कि प्रधानमंत्री में जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशीलता है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना की पहल अभूतपूर्व है। योजनाओं के माध्यम से देश के हर जनजातीय परिवार को लाभान्वित करने का प्रयास है। उन्होंने आदि कर्मयोगी योजना के माध्यम से जनजातीय जन जागरण के प्रयासों का भी ब्यौरा दिया।

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राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दल के सदस्यों को जनजातीय समुदाय के स्वास्थ्य की प्रमुख बाधा सिकल सेल एनीमिया रोग के संबंध में बताया। उन्होंने रोग के प्रत्यक्ष लक्षणों व्यवहारिक समस्याओं और रोग के चिकित्सकीय कारणों के बारे बताया। मध्यप्रदेश में रोग नियंत्रण, उपचार प्रबंधन प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन गठित कर प्रयास किए जा रहे हैं। मिशन के क्रियान्वयन में प्रदेश का देश में अग्रणी स्थान है। उन्होंने बताया कि सिकल सेल रोग नियंत्रण में दो पहलू बहुत महत्वपूर्ण है। पहला जेनेटिक काउंसलिंग, रोगी और वाहक युवक-युवती आपस में विवाह नहीं करें। दूसरा स्क्रीनिंग, सामान्य रोग वाहक और रोगी की पहचान करना है। राज्य ने इस दिशा में अग्रणी रहकर कार्य किया है। अनुमानतः 01 करोड़ 90 लाख की जनजातीय आबादी में से 01 करोड़ 23 लाख से अधिक की स्क्रीनिंग कर ली गई है। जेनेटिक काउंसलिंग के लिए 01 करोड़ से अधिक डिजिटल जेनेटिक काउंसिल कार्ड वितरित किए जा चुके है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं 01 करोड़ वॉ कार्ड वितरित कर प्रदेश के प्रयासों का अनुसमर्थन किया है। राज्यपाल पटेल ने दल के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि वह जनजातीय समुदाय में स्वास्थ्य, शिक्षा के प्रति जन जागरण के प्रयासों को प्राथमिकता प्रदान करेंगे। विकास का वातावरण निर्मित करने में सक्रिय योगदान देंगे।

प्रतिनिधि दल पांच दिवसीय प्रवास पर मध्यप्रदेश आया है। दल इंदौर, उज्जैन और भोपाल में जनसंपर्क, मीडिया हाऊसेस के साथ चर्चा करेगा। उनकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगा। इन स्थानों के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी करेगा।राजभवन के वैंक्वेट हॉल में आयोजित बैठक में सूचना अधिकारी, डीआईपी, ऑल्विन एक्स. परेरा, संपादक, द नवहिंद टाइम्स, विजय डी.सूजा, संपादक, तरूण भारत, सागर जावड़ेकर, संपादक, लोकमत, सदगुरु पाटिल, गोयनकारपोन्न, सूरज नांद्रेकर, संपादक, नवप्रभा, परेश प्रभु, संपादक, आरडीएक्स मीडिया राजन केरकर, इन गोवा संपादक, अनिल लाड, सूचना सहायक, डीआईपी, सिद्धेश सामंत,फोटोग्राफर, डीआईपी, चंदू कोरगांवकर और राज्यपाल के प्रेस अधिकारी मौजूद थे।

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