पटियाला के पातड़ां के गांव कांगथला में मां और छोटे भाई की हत्या के आरोपी ने नशे के लिए दरिंदगी की सभी हदें पार कर दी थी। पुलिस जांच में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। आरोपी गुरविंदर गिंदा को उसकी मां ने दो दिन से नशे के लिए पैसे नहीं दिए थे। गिंदा स्मैक की लत का शिकार है। नशा न मिलने से उसका शरीर बुरी तरह से टूट रहा था। इसी के चलते उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर 25 जून को घर में मौत का ताडंव मचा दिया। 

आरोपी ने जब सुबह 10 बजे अपनी मां के सिर पर लोहे के सबल से वार किया तब वह रसोई में खाना बना रही थी। मां के मरने के बाद आरोपियों ने इंतजार किया क्योंकि गिंदा का सौतेला छोटा भाई जसविंदर सिंह गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने गया था। दोपहर करीब एक बजे जसविंदर घर लौटा। जैसे ही वह रसोई के साथ वाले अपने कमरे में गया तो आरोपियों ने उसके सिर पर भी सबल से कई वार करके उसे मार दिया। इसके बाद आरोपी गुरविंदर सिंह (28) व उसके साथियों रजिंदर सिंह उर्फ राजा (50) व रणजीत सिंह उर्फ राणा (28) निवासी गांव कांगथला ने रात होने का इंतजार किया। 

जैसे ही अंधेरा हुआ गुरविंदर सिंह ने अपनी आल्टो कार में भाई की लाश डाली और पास पड़ती कैथल-खन्नौरी ड्रेन में फेंक आया। घर आकर आरोपी ने दातर के साथ बड़ी बेरहमी से अपनी मां के शव के छोटे-छोटे टुकड़े किए और इन्हें एक कंबल में बांधकर घर के आंगन में खेतीबाड़ी के औजारों व पशुओं के चारे को रखने के लिए बनाए कच्चे कमरे में रख आया।  

मां की लाश के 80 फीसदी हिस्से को जला चुका था आरोपी
गुनाह छिपाने के लिए आरोपी रोज मां के शव के कुछ टुकड़ों को जलाने लगे। पुलिस के अनुसार, परमजीत कौर की लाश के 80 फीसदी हिस्से को जलाया जा चुका था। बाहर से ज्यादा लकड़ी लाने पर किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपियों ने घर में रखे टूटे-फूटे लकड़ी के सामान का भी इस्तेमाल किया।

न पकड़े जाने पर हुआ बेखौफ 
जब लाश का बड़ा हिस्सा जल जाने पर भी आरोपी पकड़े न गए, तो उन्हें लगा कि आगे भी कुछ नहीं होगा। उन्होंने लाश के बाकी बचे हिस्से, जिसमें पैर के आगे का भाग, सिर के बाल व कुछ हड्डियां थीं, इन्हें घर के आंगन के एक कोने में फेंक दिया। गली की तरफ पड़ते इस कोने को ईंधन की लकड़ी रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। आरोपियों की यह गलती उन पर भारी पड़ी। आसपास के लोगों को बदबू आने पर शक होने लगा। पुलिस ने सूचना पर दबिश देकर इन हिस्सों को कब्जे में ले लिया है।

जलने की बदबू पर गांववालों को हुआ था शक 
गांव वालों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि बीते कुछ दिनों से परमजीत कौर के घर से धुआं उठने व कुछ जलने की अजीब सी बदबू आ रही थी। शक भी हुआ, लेकिन फिर सोचा कि नशेड़ी गुरविंदर सिंह अपनी लत के लिए पैसे जुटाने को कहीं से तार वगैरा चोरी करके लाया होगा व इसे जलाकर बेचने के लिए तांबा निकाल रहा होगा।

आरोपियों ने पूरे घर को साफ कर रखा था, नहीं मिले खून के धब्बे
डीएसपी पातड़ां गुरदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पूरे घर को साफ कर रखा था। दो कत्ल किए गए और मां की लाश के टुकड़े तक किए, लेकिन कहीं कोई खून के धब्बे नहीं थे। इसलिए इस मामले में वैज्ञानिक ढंग से आगे बढ़ते हुए वारदात में इस्तेमाल लोहे की रॉड, परमजीत कौर के खून वाले कपड़ों व आरोपियों के खून लगे कपड़ों की फोरेंसिक जांच कराके मिलान किया जाएगा, ताकि केस मजबूत करके उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

नशे के लिए जमीन-सामान तक बेच रहा था आरोपी
परमजीत कौर के पास करीब 14 किला जमीन थी, लेकिन बेटे गुरविंदर सिंह ने नशे करने के लिए काफी जमीन बेच दी थी। अब केवल ढाई किला जमीन बची थी। यहां तक कि आरोपी घर की चीजें सिलिंडर, एलसीडी, मां के जेवर तक बेच दिए थे। अब मां ने उसे नशे के लिए और पैसे देने से साफ इन्कार कर दिया था।

By kgnews

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