पदोन्नति की संभावना: 15 अफसरों के नामों पर चर्चा, 21 नवंबर को होगा फैसला

भोपाल 

राज्य पुलिस सेवा के अफसरों को आइपीएस अवार्ड देने की प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। दो माह पहले 12 सितंबर को विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की हुई बैठक को निरस्त कर दिया गया है। अब 21 नवंबर को दोबारा यह बैठक आयोजित की जाएगी। यह पहला अवसर है जब राज्य पुलिस सेवा से आइपीएस अवार्ड के लिए हुई डीपीसी को निरस्त किया गया है। बता दें, 1997-98 बैच के 15 अफसरों के नामों पर विचार कर पैनल तैयार किया गया था। इनमें से पांच अधिकारियों को आइपीएस अवार्ड मिलना था। लेकिन डेढ़ माह तक आदेश की प्रतीक्षा के बाद अचानक डीपीसी को निरस्त कर दिए जाने से पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इन 15 अफसरों के नाम पर होगा विचार

आगामी बैठक 21 नवंबर को होगी। इसमें 15 अफसरों के नामों पर विचार होना है। इनमें सीताराम ससत्या, अमृत मीणा, विक्रांत मुराब, सुरेंद्र कुमार जैन, आशीष खरे, राजेश रघुवंशी, निमिषा पांडेय, राजेश कुमार मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सव्यसाची सर्राफ और समर शर्मा शामिल हैं। अब निगाहें दोबारा होने वाली डीपीसी में होने वाले निर्णय पर टिकी हुई है।

दो नामों पर पेच

सूत्रों के अनुसार, पैनल में शामिल दो अधिकारियों के मामलों पर पेच फंसा हुआ है। वरिष्ठता क्रम में पहले नंबर पर आने वाले सीताराम ससत्या के खिलाफ एक विभागीय जांच लंबित है, तो दूसरे नंबर की वरीयता वाले अमृत मीणा का जाति प्रमाण पत्र विवाद अदालत में विचाराधीन है। इन दोनों मामलों के चलते पैनल की विश्वसनीयता व पारदर्शिता को लेकर शंकाएं हैं। अब चर्चा है, पहली डीपीसी को निरस्त किया गया, तो अब दोबारा बैठक में मानक क्या होंगे।

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