बांधवगढ़ में पर्यटन का नया रिकॉर्ड, अक्तूबर-नवंबर में सैलानियों की संख्या में 13% की बढ़ोतरी

उमरिया 

बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में इस साल का पर्यटन सत्र पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक उत्साहजनक साबित हो रहा है। अक्तूबर और नवंबर 2025 में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उद्यान प्रबंधन के अनुसार इस अवधि में सैलानियों की संख्या में करीब 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो कि संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।

बीटीआर क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि वर्ष 2024 के अक्तूबर में कोर क्षेत्र में 13,323 भारतीय और 1,331 विदेशी तथा बफर क्षेत्र में 928 देशी और 44 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। उसी महीने कुल 15,626 सैलानियों ने भ्रमण किया। नवंबर 2024 में आंकड़ों में और वृद्धि दिखी। कोर क्षेत्र में 14,666 भारतीय और 3,013 विदेशी पर्यटक आए, जबकि बफर क्षेत्र में 2,964 देशी और 99 विदेशी सैलानी शामिल हुए। इस प्रकार, अक्तूबर और नवंबर 2024 में कुल 36,368 पर्यटक उद्यान पहुंचे थे, जिनमें 31,881 देशी और 4,487 विदेशी शामिल थे।

इस वर्ष पर्यटन ने नया अध्याय लिखा। 2025 के अक्तूबर में कोर क्षेत्र में 14,999 भारतीय और 1,697 विदेशी सैलानी आए, जबकि बफर क्षेत्र में 3,985 देशी और 143 विदेशी पर्यटक पहुंचे। वहीं नवंबर में कोर क्षेत्र में 15,425 भारतीय और 3,366 विदेशी तथा बफर क्षेत्र में 1,553 देशी और 151 विदेशी पर्यटक शामिल हुए। इस वर्ष इसी अवधि में कुल 41,319 पर्यटक बांधवगढ़ आए, जिनमें 36,962 भारतीय और 5,357 विदेशी पर्यटक शामिल रहे।

तुलनात्मक रूप से देखें तो 2024 की तुलना में 2025 में 4,951 अधिक पर्यटक पहुंचे। इनमें 4,081 भारतीय और 870 विदेशी नागरिक थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बांधवगढ़ न केवल मध्यप्रदेश बल्कि भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

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उद्यान की प्राकृतिक सुंदरता, बाघों की सक्रिय मौजूदगी और बेहतर प्रबंधन ने पर्यटकों को आकर्षित किया है। डॉ. सहाय ने कहा कि यह वृद्धि वन्यजीव संरक्षण के साथ पर्यटन संवर्धन मॉडल की सफलता को दिखाती है। बांधवगढ़ के जंगलों ने इस वर्ष फिर साबित किया है कि प्रकृति जब संजोई जाती है, तो दुनिया खुद उसे देखने चली आती है।

 

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