भारतीय रसोई में कई ऐसे मसाले हैं, जो स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत का खजाना भी हैं। उन्हीं मसालों में से एक है हींग। वैसे तो हींग का सेवन हर मौसम में करना चाहिए, लेकिन सर्दियों में हींग का सेवन जरूरी हो जाता है।
सर्दियों में शरीर की अग्नि, पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र और जोड़ों पर सबसे अधिक असर पड़ता है। पेट की पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है। ऐसे में पाचन का कार्य सही तरीके से हो, इसलिए हींग का सेवन जरूरी है।
आयुर्वेद कहता है कि सर्दियों में हींग का इस्तेमाल अगर सही तरीके से कर लिया जाए तो आधे रोग ऐसे ही खत्म हो जाते हैं। हींग का स्वाद तीखा और सुगंध तेज होती है। इसमें एंटीबैक्टीरियल, सूजनरोधी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो कई परेशानियों से राहत देने में मदद करते हैं। ये एक तरह से नेचुरल एंटीबायोटिक की तरह शरीर में काम करता है।
अगर पेट में सर्दी की वजह से ऐंठन हो गई है या पेट जकड़ा हुआ महसूस होता है तो हींग और गर्म पानी का सेवन करें। इसके सेवन से पेट की जकड़न कम होती है और ये गैस और एसिडिटी शांत करने में मदद करता है। इससे ठंडी पड़ी पाचन अग्नि भी तेज हो जाती है और खाना अच्छे से पचता है।
सर्दियों में बगलम जमने की समस्या आम है। सर्द हवाओं की वजह से शरीर प्रभावित होता है और खांसी-बलगम शरीर को कमजोर बना देती है। ऐसे में एक चुटकी हींग को गर्म घी में मिलाकर पीना चाहिए। इससे गले में जमा कफ ढीला होकर बाहर आना शुरू हो जाएगा। अगर इस पानी को सुबह खाली पेट लिया जाए तो और भी लाभ होगा। ये फेफड़ों की तेजी से सफाई करने में मदद करेगा।
सर्दियों में जकड़न की वजह से मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होने लगता है। इस स्थिति में तिल के तेल में हींग डालकर उसे गर्म कर प्रभावित जगह पर लगाना चाहिए। ये तेल दर्द, कसाव और मांसपेशी के दर्द से तुरंत राहत देता है। तेल का इस्तेमाल दिन में दो बार करें और गर्म पानी से सेंक भी करें।
अगर भूख कम लगने लगी है और खाना खाने का मन नहीं करता है, तो इसके लिए हींग का सेवन काले नमक के साथ करना चाहिए। ये भूख बढ़ाने के टॉनिक के तौर पर काम करेगा। हींग और काले नमक का सेवन खाना खाने से आधे घंटे पहले करना चाहिए। इससे पेट सक्रिय होकर खाना बचाने में भी मदद करेगा।
सर्दियों में तला-भूना भोजन खाने का मन ज्यादा करता है और कई बार ज्यादा तला-भूना भोजन खाने से पेट खराब हो जाता है। शरीर में भारीपन महसूस होता है। इसके लिए गुनगुने पानी में नींबू और हींग मिलाकर लेना चाहिए। ये शरीर के भारीपन को कम करेगा, टॉक्सिन को निकालेगा और एसिडिटी की समस्या भी कम होगी।
भोपाल मध्यप्रदेश में सुशासन, प्रभावी प्रशासनिक समन्वय एवं कानून-व्यवस्था प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने…
भोपाल दमोह जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित, संवेदनशील एवं मानवीय…
रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान जिले…
रायपुर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज…
रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित लोकांगन परिसर…
रायपुर शासन-प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्य…