युवाओं ने कहा “सरकार ने सीमा लांघी, अब संघर्ष निर्णायक होगा”
राजनांदगांव/छत्तीसगढ़। मेडिकल शिक्षा से जुड़े हजारों छात्रों के भविष्य पर सीधा प्रहार करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा PG कोटा को 50% से घटाकर 25% किए जाने के खिलाफ पूरे प्रदेश में भारी नाराजगी फैल गई है। इस निर्णय को छात्रों के भविष्य पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ बताते हुए प्रदेश अल्पसंख्यक विभाग कांग्रेस कमेटी के सचिव विशु अजमानी के अगुवाई में जिला कार्यालय पहुंच विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रदेश अल्पसंख्यक सचिव विशु अजमानी ने बताया कि राज्य सरकार के इस तुगलकी और छात्र-विरोधी कदम को लेकर कार्यकर्ता और मेडिकल छात्र हेलमेट पहनकर जिला एवं प्रदेश कार्यालयों पहुंचे, जिसका उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना था कि— “सरकार ने भविष्य का रास्ता रोक दिया है, इसलिए छात्रों को अब सुरक्षा कवच पहनकर संघर्ष करना पड़ रहा है।”
प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु मिश्रा ने कहा कि PG कोटा 50% से घटाकर 25% करना छात्रों के हितों के खिलाफ बड़ा निर्णय।राज्य के हजारों मेडिकल छात्रों के करियर, सीटों और अवसरों पर सीधा प्रभाव प्रदेश के मेडिकल ढांचे पर भी पड़ेगा नकारात्मक असर—विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता घटेगी।सरकार ने बिना विचार-विमर्श और छात्रों से संवाद के एकतरफा निर्णय लिया
युवा नेता ऋषि शास्त्री ने बताया कि हमने आज मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है, जिसमें प्रमुख मांगें रखी गईं PG कोटा में की गई कटौती को तत्काल वापस लिया जाए।मेडिकल छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद किया जाए।प्रदेश के चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।“यह फैसला तुगलकी, गैर-जिम्मेदाराना और प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक, तेज और निर्णायक बनाया जाएगा।”उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि— “यदि सरकार ने यह छात्र-विरोधी निर्णय वापस नहीं लिया, तो आंदोलन सड़क से सदन तक लड़ा जाएगा।”
इस दौरान पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री,प्रदेश प्रवक्ता अभिमन्यु मिश्रा,संजय साहू , प्रदेश सेवादल सचिव हर्ष खोब्रागडे,सागर ताम्रकार,तौसीफ अहमद गोरी,शुभम कसार,प्रियांश भीमटे,अभि गुप्ता,अंशल श्रीवास्तव,रोशन परिहार,हर्ष दुबे अन्य मौजूद थे।
