केशकाल.

भंगाराम माईं के दरबार में मेला का शनिवार देर शाम आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के सभी देवी-देवताओं की उपस्थिति रही। भंगाराम मेला के बाद से बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में मेले की शुरुआत होती है। आज कांकेर में भी मेला आयोजित किया गया है।

मेले में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार से ग्रामीण क्षेत्रों में आँगा देव की पूजा की जाती है। छोटे-छोटे बच्चे आँगा देव को पकड़े हुए होते हैं, और अचानक उन पर शक्ति का संचार होता है। इस दौरान बच्चे और आँगा देव दोनों एक साथ खेलते और कूदते दिखाई देते हैं।

इस अवसर पर कांकेर के सांसद भोजराज नाग भी भंगाराम माईं के मेले में शामिल हुए। उन्हें भी देव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, और वे सभी देवी-देवताओं के साथ मेले का परिक्रमा करते नजर आए। आपको बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में मेला का बेसब्री से इंतजार किया जाता है। जब देवी-देवताओं का आगमन होता है, तो ग्रामीण उन्हें विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद मेला की शुरुआत करते हैं।

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