खैरागढ़। जिले के करमतरा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब प्रार्थना सभा के दौरान अचानक बच्चे एक-एक कर चक्कर खाकर गिरने लगे। शिक्षक और अन्य बच्चे घबरा गए और तत्काल बच्चों को संभालने में जुट गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्कूल खुलने से पहले रोज की तरह बच्चे समय से पहले स्कूल परिसर में पहुंच गए थे। इसी दौरान बच्चों ने स्कूल के आसपास लगे रतनजोत के पौधे का फल खा लिया। रतनजोत का फल जहरीला होता है जिसकी जानकारी बच्चों को नहीं थी। जैसे ही प्रार्थना शुरू हुई वैसे ही बच्चों को चक्कर आना शुरू हो गया और कुछ बच्चे बेहोश होकर गिर पड़े। देखते ही देखते 17 बच्चे बीमार हो गए। स्कूल प्रबंधन द्वारा तत्काल सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जालबांधा लाया गया जहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उपचार शुरू किया।
डॉक्टरों के अनुसार चार बच्चों पर रतनजोत जहरीले फल का असर ज्यादा देखा गया है जबकि बाकी बच्चों की हालत फिलहाल सामान्य और स्थिर बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक बच्चे की हालत ज्यादा खराब होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए खैरागढ़ रेफर किया जा रहा है। अन्य बच्चों को निगरानी में रखा गया है और लगातार स्वास्थ्य जांच की जा रही है। घटना की खबर फैलते ही पूरे करमतरा गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में पालक और ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। इस गंभीर घटना को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी लाल जी द्विवेदी ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी और मीडिया के माध्यम से उन्हें इस मामले का पता चला है। वे पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं।
