MP में कड़ाके की ठंड: शहडोल का कल्याणपुर 2.7 डिग्री तापमान के साथ सबसे ठंडा, हालात और बिगड़ने का अनुमान

भोपाल
 मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। हालात ऐसे हैं कि प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। शहडोल जिले का कल्याणपुर इस समय प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बन गया है, जहां पारा गिरकर 2.7 डिग्री तक पहुंच गया। साथ ही घने कोहरे और शीतलहर के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं रेल और सड़क यातायात पर भी गंभीर असर पड़ा है।

शहडोल का कल्याणपुर बना सबसे ठंडा इलाका
प्रदेश में सबसे कम तापमान शहडोल जिले के कल्याणपुर में दर्ज किया गया, जहां पारा 2.7 डिग्री तक लुढ़क गया। उमरिया, राजगढ़, शिवपुरी और रीवा जैसे इलाकों में भी ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में तो हालात ऐसे रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ का रूप लेती नजर आईं, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है।

उत्तर एमपी में कोहरे का कहर
प्रदेश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर-चंबल अंचल से लेकर विंध्य क्षेत्र तक सड़कें धुंध में गुम रहीं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर जैसे जिलों में दृश्यता बेहद कम रही।भोपाल, इंदौर, देवास, सीहोर और रायसेन में भी मध्यम कोहरा दर्ज किया गया।

उत्तरी हिस्से में घना कोहरा प्रदेश के उत्तरी हिस्से में आज सुबह भी घना कोहरा छा रहा है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले शामिल हैं। भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर, देवास समेत कई जिलों में भी मध्यम कोहरा है।

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इससे पहले बुधवार को प्रदेश के आधे हिस्से में कोहरे का असर देखा गया। वहीं, उमरिया और शहडोल में शीतलहर की स्थिति बनी रही। भोपाल में दिन में सर्द हवाएं चली।

दिन में भी राहत नहीं, कोल्ड डे जैसे हालात
सिर्फ रात ही नहीं, दिन के तापमान ने भी लोगों को सर्दी का अहसास कराया। खजुराहो और नौगांव जैसे इलाकों में दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे रहा। दतिया, रीवा, टीकमगढ़ और ग्वालियर में भी दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं, जिससे कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही।राजधानी भोपाल में भी दिन के समय ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी।

आगे और बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी में ठंड का असर इसी तरह बना रहेगा। हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) अगले 2-3 दिनों में आगे बढ़ेगा। इसके असर से पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलेगी और उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं तेज होंगी, जिससे मध्यप्रदेश में सर्दी और ज्यादा तीखी हो सकती है।कुल मिलाकर, प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे से फिलहाल राहत के आसार कम हैं। लोगों को सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही सुबह-शाम यात्रा करने की सलाह दी जा रही है। 

रेल और सड़क यातायात पर भी असर
प्रदेश में सुबह होते ही अधिकांश जिले कोहरे की मोटी चादर में लिपट जा रहे हैं। विजिबिलिटी बेहद कम होने से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। दिल्ली से मध्य प्रदेश आने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें रोजाना 2 से 6 घंटे तक लेट पहुंच रही हैं। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम करनी पड़ रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बीती रात (मंगलवार-बुधवार की रात) प्रदेश में बर्फ जमा देने वाली ठंड दर्ज की गई। शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 2.7 डिग्री रहा। इसके अलावा उमरिया, राजगढ़, शिवपुरी और रीवा जैसे इलाकों में भी पारा तेजी से गिरा। सीहोर, छिंदवाड़ा और मुरैना में हालात ऐसे रहे कि पौधों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

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उत्तर और पूर्वी एमपी में शीतलहर का असर
उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश में शीतलहर का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। वहीं भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर, राजगढ़, सीहोर और देवास में मध्यम कोहरे का असर दर्ज किया गया।

ग्वालियर में सर्दी का असर
ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंड और कोहरे का असर बरकरार है। ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री और दिन का अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह घने कोहरे के चलते विजिबिलिटी काफी कम रही, जिससे रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ।

इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है।

ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं।

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पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।

 

दिन में भी नहीं मिल रही राहत
ठंड का असर केवल रात तक सीमित नहीं है। कई जिलों में दिन के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। खजुराहो और नौगांव में दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री से नीचे रहा। दतिया, रीवा, टीकमगढ़ और ग्वालियर में दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं, जिससे कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। राजधानी भोपाल में भी दिन में ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।

स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव
कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश के बाद नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूल सुबह 9:30 बजे से पहले नहीं खुलेंगे। अन्य जिलों में भी हालात के अनुसार स्कूलों की छुट्टियां और समय में बदलाव किया जा रहा है।

बर्फीली हवाएं तेज होंगी
मौसम विभाग के अनुसार जनवरी में ठंड का असर और बढ़ सकता है। हिमालय क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) अगले 2-3 दिनों में आगे बढ़ेगा। इसके चलते पहाड़ों पर जमी बर्फ पिघलेगी और उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाएं तेज होंगी। इसका सीधा असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा और ठंड और ज्यादा तीखी हो सकती है।

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