राजनांदगांव , 69वीं राष्ट्रीय शालेय खेल स्पर्धा के अंतर्गत गुरुवार को बास्केटबॉल 17 वर्ष आयु वर्ग का फाइनल मुकाबला खेला गया। रोमांचक मुकाबले में बालक वर्ग में मेजबान छत्तीसगढ़ और बालिका वर्ग में सीबीएसई दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
बालक वर्ग 17 वर्ष में खेले गए फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने संघर्षपूर्ण मैच में सीबीएसई डब्लूएसओ को 85-82 अंकों से पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। सीबीएसई डब्लूएसओ को उप विजेता रहते रजत पदक प्राप्त हुआ।
तीसरे स्थान में दिल्ली ने पंजाब को एकतरफा मुकाबले में 75-39 अंकों से हराकर कांस्य पदक जीता। इससे पूर्व सेमीफाइनल मुकाबलों में छत्तीसगढ़ ने दिल्ली को 47-41 तथा सीबीएसई डब्लूएसओ ने पंजाब को 88-72 अंकों से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया था। बालिका वर्ग 17 वर्ष के फायनल में सीबीएसई डीपीएस ने महाराष्ट्र को रोमांचक मुकाबले में 92-83 अंकों से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
महाराष्ट्र को रजत पदक प्राप्त हुआ। तीसरे स्थान के लिए मेजबान छत्तीसगढ़ की बालिकाओं ने दिल्ली को 44-33 अंकों से हराकर कांस्य पदक हासिल किया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष किरण साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिमा चंद्राकर, कोमल सिंह राजपूत, रविन्द्र वैष्णव, संतोष अग्रवाल, रमेश पटेल, पार्षद रवि सिन्हा, अंतर राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे,जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी, कोच मौजूद रहे।
खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे: डीईओ प्रवास सिंह बघेल ने कहा कि संस्कारधानी खेलों को प्रोत्साहित करने वाला शहर है। खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के लिए आवास एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं तथा प्रतियोगिता प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर खेलो इंडिया रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। शासकीय लक्ष्मी बाई कन्या शाला के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने योग, नृत्य एवं कराते का प्रदर्शन किया।
सेमी फाइनल में महाराष्ट्र ने दिल्ली को 60-36 से सीबीएसई ने छत्तीसगढ़ राज्य को 48-23 अंकों से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई थी। 69वीं राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता का समापन समारोह दिग्विजय स्टेडियम में हुआ। प्रतियोगिता में देश के 27 राज्यों एवं 9 शैक्षणिक संस्थानों की कुल 36 टीमें बालक एवं बालिका 17 वर्ष वर्ग शामिल हुईं।
इसमें 429 बालक, 402 बालिका एवं 175 कोच, इस प्रकार 1006 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव ने कहा जीवन में खेल का महत्व है। संघर्ष के बिना सफलता संभव नहीं, जो विजयी हुए उन्हें बधाई और जो विजेता नहीं बने उनके लिए सीखने का अवसर है। निरंतर मेहनत से सफलता अवश्य मिलती है।
