मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से, 6 मार्च तक चलेगी कार्यवाही

भोपाल
मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का नौवां सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। यह सत्र भोपाल में सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। इस सत्र में वार्षिक बजट, अनुपूरक मांगें और विधायी कार्यों पर चर्चा होने की संभावना है। मुख्य रूप से विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक सुधारों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस 17 और 18 फरवरी को होगी। इससे संबंधित संशोधन 16 फरवरी शाम 5 बजे तक जमा किए जा सकेंगे।

निजी सदस्यों के विधेयक और प्रस्तावों पर शुक्रवार को अंतिम ढाई घंटे चर्चा होगी। यह कार्य 20 फरवरी, 27 फरवरी और 6 मार्च को होगा। इसके लिए नोटिस 4 और 5 फरवरी तक देने होंगे। सत्र से पहले स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े नोटिस 10 फरवरी से स्वीकार किए जाएंगे। विधानसभा सत्र 6 मार्च तक चलेगा। बैठकें 16 से 20 फरवरी, 23 से 27 फरवरी और 5 व 6 मार्च को होंगी। हर दिन प्रश्नकाल होगा। मंगलवार से गुरुवार तक सरकारी कामकाज पर चर्चा होगी, जबकि शुक्रवार को निजी सदस्यों के विधेयक और प्रस्ताव लिए जाएंगे। शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। होली के कारण 3 मार्च को छुट्टी होगी, जबकि 2 और 4 मार्च को कोई बैठक नहीं होगी।

विधानसभा सचिवालय ने सभी सदस्यों को आचरण नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। व्यक्तिगत आरोप लगाने और नोटिस की समय से पहले सार्वजनिकता पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया को लेकर भी सख्ती बरतने को कहा गया है। विधायकों से अपने पते अपडेट रखने और नोटिस जमा करने के नियमों का पालन करने का आग्रह किया गया है, ताकि सत्र सुचारू रूप से चल सके।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के तहत होने वाला यह सत्र राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश की बड़ी आदिवासी और ग्रामीण आबादी को ध्यान में रखते हुए, इस सत्र में समावेशी विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और कृषि सहायता योजनाओं जैसे पीएम-किसान और आयुष्मान भारत पर जोर रहने की उम्मीद है। पिछले विधानसभा सत्रों में महिला सशक्तीकरण और डिजिटल शासन से जुड़े महत्वपूर्ण कानून पारित हुए हैं और इस सत्र में भी उसी दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।

यह आदेश 13 जनवरी को जारी किया गया था और 15 जनवरी को राजपत्र में प्रकाशित किया गया। इसे सभी 230 विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 का यह पहला बड़ा विधानसभा सत्र होगा। विधानसभा में भाजपा के 163 और कांग्रेस के 66 विधायक हैं। कांग्रेस से उम्मीद है कि वह महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि का हिस्सा

जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि का हिस्सा

रायपुर   छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में…

2 hours ago
उज्जैन के डायल-112 हीरोज घर की राह भटके मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाने पहुँचाया

उज्जैन के डायल-112 हीरोज घर की राह भटके मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाने पहुँचाया

भोपाल उज्जैन जिले के थाना चिंतामन गणेश क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर…

2 hours ago
इंदौर में गहराया जल संकट, 35 लाख आबादी पर पानी का खतरा

इंदौर में गहराया जल संकट, 35 लाख आबादी पर पानी का खतरा

इंदौर  देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर गंभीर जलसंकट से गुजर रहा है। हालत यह…

2 hours ago
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थो के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थो के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के…

2 hours ago
समर्थ सिंह को 29 मई तक CBI रिमांड, त्विषा शर्मा मौत मामले में पूछताछ तेज

समर्थ सिंह को 29 मई तक CBI रिमांड, त्विषा शर्मा मौत मामले में पूछताछ तेज

भोपाल मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत…

2 hours ago
पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम

पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम

भोपाल  पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PHPS) न्यासी…

2 hours ago