ग्वालियर
राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेशभर के संबद्ध निजी कालेजों में स्नातकोत्तर (पीजी) और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की फीस में की गई भारी वृद्धि के मामले में छात्रों को राहत मिल गई है। निजी कालेज संचालकों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने गुरुवार को बैठक कर फीस वृद्धि के आदेश को स्थगित कर दिया है, जिससे आगामी सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों को राहत मिली है।
विश्वविद्यालय द्वारा एक झटके में लगभग पांच हजार रुपये तक फीस बढ़ाने के निर्णय पर प्रदेशभर के कालेज संचालकों ने सामूहिक आपत्ति दर्ज कराते हुए पुनर्विचार की मांग की थी। उनका कहना था कि इतनी बड़ी वृद्धि अव्यावहारिक है और इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर भारी बोझ पड़ेगा।
किस चीज को लेकर था विवाद
सबसे ज्यादा विवाद ‘आकस्मिक शुल्क’ को लेकर था। विश्वविद्यालय ने स्वाध्यायी छात्रों पर 1500 से पांच हजार रुपये तक का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया था, जिसका स्पष्ट औचित्य प्रबंधन नहीं बता पाया। कालेज संचालकों ने कहा कि प्रदेश के किसी अन्य विश्वविद्यालय में इस तरह का आकस्मिक शुल्क नहीं लिया जाता।
फीस वृद्धि के तहत पीजी में हर साल पांच हजार रुपये बढ़ाए गए थे, जिससे दो साल का कुल शुल्क 22-25 हजार रुपये तक पहुंच जाता। वहीं छह वर्षीय स्कूल स्तर के डिप्लोमा में प्रतिवर्ष 1500 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि छात्र पहले से ही अपने स्कूलों में फीस जमा करते हैं।
नई दरों के अनुसार फीस जमा करने का आदेश
विश्वविद्यालय ने पहले 10 फरवरी तक नई दरों के अनुसार फीस जमा करने का आदेश दिया था। बढ़ते विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एक समिति गठित कर मामले की समीक्षा शुरू की थी। वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रबंधन ने फीस वृद्धि के आदेश को स्थगित कर दिया है।
रायपुर ’राज्यपाल डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’ राज्यपाल रमेन डेका ने आज…
भोपाल प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने भोपाल स्थित वन…
भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, अपराधियों के…
भोपाल अशोकनगर पुलिस ने तत्परता, संवेदनशीलता एवं पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए मात्र 06…
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 में 30 किलोमीटर…
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बुधवार 27 मई को भारत भवन में 'जल गंगा संवर्धन…