सुकमा। एक गांव में आधी रात इंसानियत की परीक्षा हुई. जंगल से आती रोने की आवाज ने ग्रामीणों को चौंका दिया. अंधेरे और सूनसान इलाके में नवजात लावारिस पड़ा मिला. बिना देर किए गांव की महिलाएं और युवक मौके पर पहुंचे. बच्चे को सुरक्षित गांव लाया गया. सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हुए.
रात में ही एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई गई. स्वास्थ्य अमले को तत्काल अलर्ट किया गया. खुले में पड़े रहने से शिशु को कीड़े-मकोड़ों ने काटा था. समय पर मदद न मिलती तो जान का खतरा था. जिला अस्पताल में इलाज शुरू किया गया. डॉक्टरों के मुताबिक हालत स्थिर है. ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है
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