बीजापुर । बाल कल्याण समिति और भोपालपटनम थाना की तत्परता से एक 14-15 वर्षीय अज्ञात मूकबधिर बालिका को सकुशल उसके परिवार से मिलाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 जनवरी की रात्रि लगभग 9ः10 बजे भोपालपटनम बस स्टैंड में एक बालिका अकेली बैठी मिली। इसकी सूचना थाना प्रभारी को दी गई। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर पता चला कि बालिका बोलने में असमर्थ है और अपना परिचय देने में भी असक्षम है। आसपास के लोगों से जानकारी लेने पर भी उसकी पहचान संबंधी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बालिका को तत्काल बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने बालिका के सर्वाेत्तम हित को ध्यान में रखते हुए उसे सखी वन स्टाफ सेंटर में केंद्र प्रशासक सुनीता तामीड़ी की देखरेख में संस्थागत किया। वहां बालिका की समुचित देखभाल की गई और पूरे स्टाफ द्वारा विशेष संवेदनशीलता के साथ उसका ध्यान रखा गया।

आगे की कार्रवाई में बाल कल्याण समिति ने जिले के सभी पुलिस थानों, चाइल्ड लाइन तथा अन्य माध्यमों से बालिका के परिजनों की पतासाजी प्रारंभ की। साथ ही उसे दिव्यांग मूकबधिर संस्था जावंगा गीदम भी ले जाया गया, जहां विशेषज्ञों की सहायता से पहचान संबंधी प्रयास किए गए।

वृहद खोजबीन के बाद बालिका के परिवार का पता चल सका। दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर व्हाट्सएप पर बालिका का फोटो भेजा गया जिसे देखकर परिजनों ने पुष्टि की कि वह उनकी ही बच्ची है। आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करने के उपरांत बालिका को सकुशल उसके पिता एवं अन्य संबंधियों के समक्ष विधिवत सुपुर्द कर दिया गया।

इस सराहनीय कार्य में पुलिस प्रशासन, बाल कल्याण समिति, सखी वन स्टाफ सेंटर एवं दिव्यांग संस्था के संयुक्त प्रयास से एक मासूम को उसके परिवार से मिलाने में सफलता प्राप्त हुई, जो मानवीय संवेदनशीलता और प्रशासनिक सजगता का उत्कृष्ट उदाहरण है।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *