बस्तर के 125 नक्सलियों ने तेलंगाना में डाले हथियार, करोड़ों के हथियार सौंपे; IG ने बताया माओवादी क्यों छोड़ रहे हिंसा

जगदलपुर
नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबल के जवानों को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को तेलंगाना में 130 माओवादियों ने हथियारों के साथ सरेंडर कर दिया है। सरेंडर करने वाले ज्यादातर नक्सली छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। तेलंगाना के डीजीपी के सामने आत्मसमर्पण करने वाले 130 माओवादियों में से 125 छत्तीसगढ़ के, 4 तेलंगाना के और एक आंध्र प्रदेश का रहने वाला है।

तेलंगाना में सरेंडर करने वाले नक्सली सीपीआई (माओवादी), दंडकारण्य विशेष जोनल कमेटी और तेलंगाना राज्य कमेटी क्षेत्र के मेंबर हैं। इनमें से ज्यादातर नक्सली बस्तर इलाके में एक्टिव थे।

हथियार भी सुरक्षाबलों को सौंपे
हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटे इन कैडरों ने 124 हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में गोला-बारूद भी सुरक्षा बलों के सामने जमा कराया, जो माओवादी संगठन को लगे बड़े झटके को दर्शाता है। अधिकारियों ने कहा कि यह घटनाक्रम पिछले कई महीनों से छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड तथा अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों में संचालित लगातार और समन्वित सुरक्षा अभियानों का परिणाम है।

अभियान के कारण पड़ा असर
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा-लगातार चलाए जा रहे अभियान, सुरक्षा तंत्र के विस्तार, फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस की स्थापना से माओवादी कैडरों की आवाजाही पर प्रभाव पड़ा है। बस्तर क्षेत्र और उससे सटे वन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे सतत और केंद्रित अभियानों ने माओवादी गढ़ों को धीरे-धीरे ध्वस्त किया है तथा उनके संगठनात्मक नेटवर्क को बाधित किया है, जिससे कैडरों पर हिंसा का मार्ग छोड़ने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

सरेंडर के बाद मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने कहा कि Mahatma Gandhi के देश में हिंसक और सशस्त्र आंदोलन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि जो लोग मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए सरकार पुनर्वास और बेहतर जीवन की व्यवस्था कर रही है.

केंद्र सरकार ने देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समय सीमा तय की है. जैसे-जैसे यह तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे नक्सलियों के सरेंडर की घटनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं. हाल ही में नक्सल संगठन के टॉप नेताओं में शामिल देवजी के आत्मसमर्पण की खबर भी सामने आई थी. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि अब संगठन के गिने-चुने नेता ही बचे हैं, जो लगातार दबाव के चलते इधर-उधर छिपते फिर रहे हैं.

जीवन में बदलाव से आया परिवर्तन
उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने सुरक्षा प्रयासों के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, आजीविका के अवसरों तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर दिए गए विशेष ध्यान के कारण पहले से अलग-थलग पड़े गांवों तक धीरे-धीरे शासन की पहुंच बढ़ी है। इन प्रयासों ने स्थानीय समुदायों का लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत किया है तथा जनसामान्य के बीच माओवादी प्रचार के प्रभाव को कम किया है।

देवजी की टीम के माओवादी भी शामिल
इन 130 माओवादी कैडर्स में नक्सल संगठन के कई अहम सदस्य भी शामिल हैं। हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी संगठन के चीफ देवजी की PLGA कमांडर टीम के सदस्य भी इस सरेंडर में शामिल हैं।

ICCC सेंटर में हुआ कार्यक्रम
माओवादियों ने यह आत्मसमर्पण 7 मार्च को हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित ICCC सेंटर में किया। कार्यक्रम में तेलंगाना सरकार के सीनियर अधिकारी और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी भी मौजूद रहे।

सुरक्षाबलों के दबाव के कारण सरेंडर जारी
सुरक्षाबलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण माओवादी कैडरों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। बड़ी संख्या में हुए इस सामूहिक आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियां माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका मान रही हैं।

सरकार ने कहा है कि जो भी उग्रवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास और नई शुरुआत के सभी रास्ते खुले हैं।

क्या कहा बस्तर रेंज के आईजी ने
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि नक्सलियों का सरेंडर दूरस्थ क्षेत्रों में शासन की बढ़ती पहुंच तथा सुरक्षा बलों के लगातार चलाए जा रहे अभियानों के प्रयास को दिखाता है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों से माओवादी संगठनात्मक ढांचा काफी कमजोर हुआ है। उनके संचालन क्षेत्र में उल्लेखनीय कमी आई है। जैसे-जैसे विकास और कल्याणकारी योजनाएं आंतरिक गांवों तक पहुँचती जाएंगी, वैसे-वैसे क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास का मार्ग और सुदृढ़ होगा।

 

Admin

Recent Posts

CG : रायपुर में बड़ा हादसा: प्राचीन बावड़ी में खेलते-खेलते डूबे दो मासूम …

CG : रायपुर में बड़ा हादसा: प्राचीन बावड़ी में खेलते-खेलते डूबे दो मासूम …

धरसीवां। राजधानी रायपुर के धरसीवां क्षेत्र स्थित कुंबरगढ़ के प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर परिसर में शनिवार…

2 minutes ago
CG : दर्दनाक सड़क हादसे: दो दुर्घटनाओं में 4 लोगों की मौत …

CG : दर्दनाक सड़क हादसे: दो दुर्घटनाओं में 4 लोगों की मौत …

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में शुक्रवार रात सड़क हादसों ने चार परिवारों की खुशियां…

6 minutes ago
CG : छत्तीसगढ़ में चंदन के पेड़ों की चोरी, 5 पेड़ काटकर ले गए चोर …

CG : छत्तीसगढ़ में चंदन के पेड़ों की चोरी, 5 पेड़ काटकर ले गए चोर …

बालोद। जिले में कीमती चंदन के पेड़ों की चोरी का मामला सामने आया है। बालोद…

11 minutes ago
CG : राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर गीदम में संगोष्ठी आयोजित, किसानों ने साझा किए सफलता के अनुभव …

CG : राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस पर गीदम में संगोष्ठी आयोजित, किसानों ने साझा किए सफलता के अनुभव …

दंतेवाड़ा : भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन भी…

22 minutes ago
CG : राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक …

CG : राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक …

दंतेवाड़ा : जिला कार्यालय के डंकनी सभाकक्ष में आज कलेक्टर श्री देवेश  कुमार ध्रुव द्वारा…

26 minutes ago
CG : स्मार्ट एवं सतत कृषि को लेकर युवाओं ने रखे नवाचार, लाइवलीहुड कॉलेज में आयोजित हुआ वीबीवाईएलडी गोलमेज सम्मेलन …

CG : स्मार्ट एवं सतत कृषि को लेकर युवाओं ने रखे नवाचार, लाइवलीहुड कॉलेज में आयोजित हुआ वीबीवाईएलडी गोलमेज सम्मेलन …

दंतेवाड़ा : माई भारत एवं भोर संस्था के संयुक्त तत्वावधान में वीबीवाईएलडी (विकसित भारत यंग…

29 minutes ago