दंतेवाड़ा, इस वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत में वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निराकरण किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य के निर्देशानुसार राजस्व जिला दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर एवं बचेली के न्यायालयों को सम्मिलित करते हुए कुल 10 खंडपीठों का गठन किया गया। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों में भी खंडपीठों का गठन किया गया था।
सभी न्यायालयों में लंबित कुल 4810 नियमित मामले लोक अदालत में रखे गए थे, जिनमें से 4728 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए कुल 4,10,52,768 रुपये की राशि का एवार्ड पारित किया गया। यह लोक अदालत वर्चुअल एवं भौतिक दोनों माध्यमों से आयोजित की गई।
इन प्रकरणों के निराकरण हेतु दंतेवाड़ा न्यायालय में खंडपीठ क्रमांक 1 के पीठासीन अधिकारी प्रधान जिला न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य, खंडपीठ क्रमांक 2 में न्यायाधीश परिवार न्यायालय हरीश कुमार अवस्थी, खंडपीठ क्रमांक 3 में प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहन प्रसाद गुप्ता, खंडपीठ क्रमांक 4 में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय नक्सल मामले) सुनील कुमार जायसवाल, खंडपीठ क्रमांक 5 में द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी.पी. सिंह दांगी, खंडपीठ क्रमांक 6 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी अपूर्वा दांगी तथा खंडपीठ क्रमांक 7 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी हर्षवर्धन जायसवाल की खंडपीठ गठित की गई थी।
इसके साथ ही व्यवहार न्यायालय बीजापुर में खंडपीठ क्रमांक 1 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट , व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी रोजमीन खाखा, व्यवहार न्यायालय सुकमा में खंडपीठ क्रमांक 1 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी रमेश चौहान तथा व्यवहार न्यायालय बचेली में खंडपीठ क्रमांक 1 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी श्वेता ठाकुर की खंडपीठ गठित की गई थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दंतेवाड़ा तथा बचेली द्वारा अधिक से अधिक मामलों को लोक अदालत में राजीनामा के लिए रखा गया था।
लोक अदालत में भारतीय स्टेट बैंक, अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, ग्रामीण बैंक, विद्युत विभाग, श्रीराम फाइनेंस कंपनी, नगर पंचायत बारसूर, चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी, बीएसएनएल, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा चिकित्सीय विभाग का सराहनीय योगदान रहा। प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा पक्षकारों को पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। साथ ही सभी न्यायाधीशों, पक्षकारों, कर्मचारियों एवं मीडियाकर्मियों को उनके बहुमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया।
