पति की संपत्ति और नौकरी के दावे पर एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

जबलपुर 

भारतीयों में आजकल बिना विधिवत तलाक लिए दूसरी शादी करने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। कई समाजों में बहुविवाह की भी प्रथा है जिसका सहारा लेकर इसे मान्यता देने की कोशिश की जाती है। इस पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। पति की संपत्ति और नौकरी के दावे पर एमपी हाईकोर्ट MP High Court ने बड़ा फैसला देते हुए दूसरी पत्नी की याचिका खारिज कर दी। महिला ने आदिवासी समाज की प्रथाओं का जिक्र किया था जिसपर कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि बिना ठोस साक्ष्य के बहुविवाह की परंपरा मान्य नहीं की जा सकती है। इसी के साथ दूसरी पत्नी का दावा भी खारिज कर दिया।

आदिवासी समाज में बहुविवाह की प्रथा है। इसका हवाला देकर शहडोल की पाव जनजाति की महिला मुन्नी बाई ने खुद को भगत सिंह की दूसरी पत्नी बताते हुए पति की मौत के बाद मिले नौकरी से जुड़े लाभ और उनकी संपत्ति देने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इधर पहली पत्नी फूलमती ने खुद को अकेली वैध पत्नी बताते हुए कहा कि सरकारी सेवा अभिलेख में भी पत्नी के तौर पर उनका ही नाम दर्ज है।

जबलपुर हाईकोर्ट ने केस की सुनवाई करते हुए कहा है कि बिना प्रमाण के किसी समाज में बहुविवाह की परंपरा को मान्यता नहीं दी जा सकती। सिर्फ आदिवासी परंपरा का हवाला देकर किसी महिला को पति की संपदा या नौकरी में अधिकार नहीं मिल सकता। इसके साथ शहडोल की महिला की याचिका खारिज कर दी।

हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे दावे के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी हैं। दरअसल, मुन्नी बाई ने याचिका दायर कर कहा था, वह भगत सिंह की दूसरी पत्नी है। वे पाव जनजाति से हैं। इसमें बहुविवाह की परंपरा है। उन पर हिन्दू विवाह अधिनियम लागू नहीं होता। उसने पति की मृत्यु के बाद संपत्ति में हिस्सा और नौकरी से जुड़े लाभ देने की मांग की थी। पहली पत्नी फूलमती ने इसका विरोध किया।

दस्तावेज में पहली पत्नी का नाम
पहली पत्नी फूलमती की ओर से तर्क दिया गया, वह अकेली वैध पत्नी है। सरकारी सेवा अभिलेख में भी पत्नी के तौर पर उनका नाम दर्ज है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि याचिकाकर्ता ने कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किया है। कोई मान्य दस्तावेज, परंपरा का प्रमाण भी नहीं पेश किए। इसके बाद फैसला सुनाया।

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

 राजनांदगांव : सुशासन तिहार 2026 – नारायण के लिए खुशियों से भरा रहा सुशासन तिहार

राजनांदगांव : सुशासन तिहार 2026 – नारायण के लिए खुशियों से भरा रहा सुशासन तिहार

- जनसमस्या निवारण शिविर में तत्काल मिला नि:शुल्क ड्रायविंग लाईसेंसराजनांदगांव । सुशासन तिहार में डोंगरगांव…

9 minutes ago
सुशासन तिहार 2026 – सतीशा साहू ने महतारी वंदन योजना के लिए तत्काल कराया ई-केवायसी

सुशासन तिहार 2026 – सतीशा साहू ने महतारी वंदन योजना के लिए तत्काल कराया ई-केवायसी

- सरकार दे रही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा- जनसमस्या निवारण शिविर में जनमानस के समस्याओं…

11 minutes ago
राजनांदगांव : कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मिशन लाइफ प्रशिक्षण आयोजित – मिशन लाइफ की थीम क्लीन एनर्जी पर आधारित

राजनांदगांव : कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय मिशन लाइफ प्रशिक्षण आयोजित – मिशन लाइफ की थीम क्लीन एनर्जी पर आधारित

- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के…

12 minutes ago
राजनांदगांव : ग्राम रीवागहन में नाली निर्माण कार्य हेतु 5 लाख 91 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति

राजनांदगांव : ग्राम रीवागहन में नाली निर्माण कार्य हेतु 5 लाख 91 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति

राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना…

14 minutes ago
राजनांदगांव : वॉक इन के माध्यम से स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 1 पद पर संविदा भर्ती हेतु 2 जून तक आवेदन आमंत्रित

राजनांदगांव : वॉक इन के माध्यम से स्त्रीरोग विशेषज्ञ के 1 पद पर संविदा भर्ती हेतु 2 जून तक आवेदन आमंत्रित

राजनांदगांव । जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) अंतर्गत प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर स्त्रीरोग विशेषज्ञ…

16 minutes ago
बर्खास्तगी के बाद भी ग्रेच्युटी रोकना गलत, कोर्ट ने भुगतान का दिया आदेश

बर्खास्तगी के बाद भी ग्रेच्युटी रोकना गलत, कोर्ट ने भुगतान का दिया आदेश

ग्वालियर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक कर्मचारी की बर्खास्तगी के बाद ग्रेच्युटी रोकने…

25 minutes ago