राजनांदगांव : खल्लारी में रोप-वे का इंचार्ज नॉन टेक्निकल कर्मचारी बीरबल जंघेल को बना दिया गया था । जिस पर 2016 में डोंगरगढ़ में हुए हादसे के बाद एफआईआर भी दर्ज हुई थी। तब उसे संचालक कंपनी कन्वेयर एंड रोप-वे सर्विसेज ने काम से भी निकाल दिया।
लेकिन खल्लारी में बीरबल जंघेल को रोप-वे एंड रिसार्ट प्राइवेट लिमिटेड ने बकायदा इंचार्ज बना रखा था। जिसके मानिटरिंग में ही रोप-वे का संचालन हो रहा था। गंभीर बात यह है कि डोंगरगढ़ हादसे के दौरान बीरबल के साथ रहा एक अन्य कर्मचारी भी खल्लारी में ही सेवा दे रहा हैं। 2016 में डोंगरगढ़ में हुए हादसे की जांच में सामने आया था कि बीरबल टेक्निकल ट्रेंड नहीं हैं।
केवल उसे सामान्य स्थिति में मशीन ऑपरेट करने का अनुभव है। उसने रोप-वे संचालक कंपनी से किसी तरह की ट्रेनिंग तक नहीं ली है। पहले सहायक के रुप में काम करता था, फिर ट्रॉलियों को रोप-वे स्टेशन में केबल से चढ़ाने-उतारने काम करता था। खल्लारी मंदिर में रोप-वे संचालन करने वाली कंपनी ने इसी नॉन टेक्निकल कर्मचारी को हजारों भक्तों को रोप-वे से मंदिर पहुंचाने की जिम्मेदारी दे दी।
कंपनी का कोई भी ट्रेंड कर्मचारी संचालन में नहीं खल्लारी में रोप-वे संचालन को लेकर गंभीर लापरवाही यह भी सामने आई है कि संचालक कंपनी रोप-वे एंड रिसार्ट प्राइवेट लिमिटेड ने अपना कोई भी प्रशिक्षित कर्मचारी को तैनात नहीं किया है। यहां बीरबल जंघेल जैसे कुछ अन्य नॉन टेक्निकल कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। अपने पुराने अनुभव के आधार पर पूरी टीम को लीड बीरबल जंघेल ही करता था। जबकि किसी समस्या या मैन पावर अधिक लगने की स्थिति में स्थानीय युवकों से मदद ली जा रही है।
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