महासमुंद , शासन के निर्देशानुसार जिले के 183 हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु प्रशिक्षकों का चयन पूरी तरह निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया गया है।
राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ द्वारा प्राप्त निर्देशों के पालन में जिला स्तर पर समिति का गठन कर विभिन्न चरणों में बैठकें आयोजित की गईं।
प्रथम बार 10 नवंबर 2025 एवं द्वितीय चरण में 18 नवंबर 2025 को आयोजित बैठकों में प्रशिक्षण की रूपरेखा तय की गई तथा प्रशिक्षकों के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। इस संबंध में 12 एवं 17 दिसंबर को समाचार पत्रों , जिले के वेबसाइट आधिकारिक माध्यमों से व्यापक सूचना जारी की गई, ताकि योग्य आवेदकों को अवसर मिल सके। इस दौरान निर्धारित समय में आवेदन की पर्याप्त संख्या प्राप्त नहीं हुई।
प्राप्त आवेदनों के आधार पर पुनः 20 जनवरी एवं 2 फरवरी 2026 को समिति की बैठक आयोजित कर सभी आवेदनों पर विचार किया गया। इस दौरान पारदर्शिता बनाए रखते हुए पात्रता के आधार पर कराते संघों सहित विभिन्न संगठनों से प्राप्त आवेदनों का परीक्षण किया गया और आवश्यकतानुसार प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया।
प्रशिक्षकों का चयन पूर्णतः नियमानुसार, पारदर्शी एवं चरणबद्ध प्रक्रिया के तहत किया गया है। वर्तमान में जिले के 183 विद्यालयों में से 105 विद्यालयों में प्रशिक्षक उपलब्ध करा दिए गए हैं, जबकि शेष विद्यालयों में भी शीघ्र प्रशिक्षक उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
छात्राओं की सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है। जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने बताया कि एक प्रशिक्षक मात्र दो स्कूलों में प्रशिक्षण दे सकता है। इस संबंध में जहां शिकायत प्राप्त हुई है वहां विकासखंड शिक्षा अधिकारियो को जांच कर रिपोर्ट देने कहा गया है।
