प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता, अफवाहों से बचें : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल 

प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध होने के कारण देश और प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मध्यप्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई में किसी प्रकार की रुकावट नहीं है।  राजपूत ने अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा घबराहट में खरीदारी (पैनिक बाइंग) से बचें।

कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई

प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2215 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 3029 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 9 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 544 पेट्रोल पंपों की जांच भी की गई, जिनमें 2 मामलों में प्रकरण दर्ज कर एफआईआर दर्ज की गई है। जिला आपूर्ति अधिकारियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों को पेट्रोल पंपों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं।

घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को भी शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता क्रम के अनुसार कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सतत आपूर्ति की जा रही है। उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए गैस बॉटलिंग प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित प्लांट और वितरकों के स्टॉक की निरंतर समीक्षा की जा रही है।

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पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारु

प्रदेश में सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की कमी नहीं है और कंपनियों के डिपो से नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। बढ़ती मांग को देखते हुए ऑयल कंपनियों के डिपो को भी अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखा जा सके।

पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर

सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) के अंतर्गत प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को आवेदन प्राप्त होने के पांच दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी समीक्षा करेंगे। 

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