राजनांदगांव , शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत जिले के पंजीकृत स्कूलों की कुल 535 सीटों में एडमिशन लेने 1800 आवेदन जमा हुए। नोडल अफसर बने सरकारी स्कूल के प्राचार्यों को 6 अप्रैल तक पालकों के समक्ष दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करना था। लेकिन सप्ताहभर पहले यह काम 94 फीसदी पूरा होने के बाद 6 अप्रैल तक 6 फीसदी काम पूरा नहीं हुआ। कुछ पालकों की शिकायत है कि दस्तावेज जमा करने के बाद सत्यापन करने उनके पास नोडल अफसरों का फोन नहीं आया है।
दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन प्रदेश स्तर की ऑनलाइन लॉटरी में शामिल होने के लिए पात्र माने जाएंगे। इसी लॉटरी से बच्चों को सीटों का आवंटन होगा। लेकिन दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन पूरा नहीं होने से यह प्रक्रिया पिछड़ सकती है। प्रदेश स्तर में लॉटरी होगी इस कारण नोडल अफसरों को सत्यापन में तेजी लाने कहा गया है। डीईओ प्रवास कुमार सिंह बघेल ने बताया इस काम में हम पहले प्रदेश में पहली पोजिशन पर थे। पोर्टल में कुछ तकनीकी समस्या के कारण दिक्कतें आई है।
हाई कोर्ट में सुनवाई आज प्रदेश और जिले में आरटीई की सीटों में इस साल कटौती की गई है। वहीं इस साल नर्सरी की जगह कक्षा पहली से एडमिशन दिया जाएगा। सीटों में कटौती को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाई कोर्ट में कल 8 अप्रैल को सुनवाई की जाएगी। विगत पांच सालों में सीटों में कटौती हुई है।
