दुर्ग। जिले के कुम्हारी स्थित छत्तीसगढ़ डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड से आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने अवैध शराब परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे तीन वाहनों को जब्त किया है। जांच में सामने आया है कि इन वाहनों का उपयोग अवैध “पार्ट-बी” शराब को डिस्टिलरी से सीधे चुनिंदा शासकीय शराब दुकानों तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। EOW की जांच में डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि डिस्टिलरी मालिक अपने भरोसेमंद लोगों के माध्यम से छोटे ट्रांसपोर्टरों की गाड़ियों का इस्तेमाल कर अवैध शराब की सप्लाई करवा रहा था। इस काम के लिए कुछ तय वाहनों का बार-बार उपयोग किया जाता था, जिससे शराब सीधे सरकारी दुकानों तक पहुंचाई जा सके। यह कार्रवाई शराब घोटाला मामले के तहत की गई है।
शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) और भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत जांच चल रही है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो पहले भी इस मामले में कार्रवाई कर चुका है। इससे पहले वेलकम डिस्टलरी कोटा (बिलासपुर) और भाटिया वाइंस डिस्टलरी सरगांव (मुंगेली) से कुल 16 वाहन जब्त किए जा चुके हैं। जांच एजेंसी के अनुसार डिस्टलरियों से अवैध शराब की सप्लाई सीधे कुछ चुनिंदा सरकारी देशी शराब दुकानों तक की जाती थी। इसके लिए अलग-अलग डिस्टलरियों में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की पहचान की गई है। गवाहों के बयान और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर यह भी पता चला है कि छग डिस्टलरीज दुर्ग में जब्त किए गए 3 वाहनों के अलावा कुछ अन्य वाहन भी इस काम में लगाए गए थे।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ वाहनों को स्क्रैप कर दिया गया है या उनका उपयोग अब दूसरे कामों में किया जा रहा है। ऐसे वाहनों के मालिक और उनके इस्तेमाल की जानकारी जुटाने के लिए अलग से जांच जारी है। जांच एजेंसी इन सभी वाहनों और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। EOW के अधिकारियों की मानें तो शराब घोटाले से जुड़े इस मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रहा है।
