कोरबा.

एक तरफ हसदेव नदी को संरक्षित करने प्रयास किए जा रहे हैं, दूसरी ओर एचटीपीपी प्रबंधन नदी के पानी में राखड़ घोल कर प्रदूषण फैला रहा है. बार बार की जा रही लापरवाही पर जल संसाधन विभाग ने संयंत्र पर 18 करोड़ से अधिक का जुर्माना जिले के अन्य औद्योगिक संयंत्रों के संचालन में समस्या खड़ी हो रही थी.

निगम के जल शोधन में भी परेशानी हो रही थी. जिस पर जल संसाधन विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है. हसदेव नदी के जल प्रदूषण को लेकर जल संसाधन विभाग ने सख्त रूख अपनाया है. छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के दर्री स्थित एचटीपीपी पर यह जुर्माना ठोका गया है. बताया जा रहा है कि एचटीपीपी की इस लापरवाही से संयंत्र पर 18 करोड़ रूपए से अधिक का भारी भरकम जुर्माना ठोंका गया है. नगर निगम आयुक्त ने पूर्व में कटघोरा एसडीएम को नदी में किए जा रहे प्रदूषण को तत्काल रोकने के निर्देश देते हुए पत्र लिखा गया था.

जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिले के अन्य संयंत्र भी हसदेव नदी के पानी का इस्तेमाल संयंत्र संचालन के लिए करते हैं. राखड़ युक्त पानी के कारण उक्त संयंत्रों के संचालन में परेशानी आ रही थी. जिसे लेकर जल संसाधन विभाग ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जांच की. जांच में एचटीपीपी प्रबंधन द्वारा नदी में राखड़ घोले जाने की पुष्टि होने पर दो बार वार्निंग दी गई.

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