भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला आरक्षण बिल को लेकर कहा कि लोकतंत्र एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है और संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह बेहद निंदनीय और कष्टकारी है। बता दें कि महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल मोदी सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई।

सीएम यादव ने आगे कहा कि द्रौपदी का चीरहरण तो हमने 5000 साल पहले का सुना था, लेकिन बहनों की इज्जत के साथ खेलने का घटनाक्रम संसद में जिस प्रकार हुआ, वह हमारे लिए अत्यंत कष्टकारी और निंदनीय है।

प्रधानमंत्री मोदी जी और अमित शाह जी ने प्रस्तावक बनकर जो निर्णय लिया, उसमें शुरुआत से ही हर दल को सुझाव देने का अवसर दिया गया। मोदी जी ने सभी को खुला पत्र भी लिखा, ताकि कोई यह न कहे कि हमें बोलने का अवसर नहीं मिला या हमसे चर्चा नहीं की गई।

इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, मंत्री कृष्णा गौर, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे, विधायक अर्चना चिटनिस और मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल भी मौजूद रहे।

विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस विषय पर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस मुद्दे को जनता की अदालत में लेकर जाएगे। जन-जन तक बात को पहुंचाएंगे। सोमवार को आक्रोश रैली निकाली जाएगी। हम बहनों को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे और जिन्होंने गलत किया है, उनका पर्दाफाश करेंगे। आने वाले दिनों में जिलों में प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जाएंगी। हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह लोकतंत्र के लिए दुखद और निंदनीय है। यह महिलाओं को अधिकार देने का ऐतिहासिक अवसर था, जिसे विपक्ष के रवैये ने प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकार का प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे को भी राजनीतिक लाभ का साधन बना लिया। उन्होंने कहा कि देश नारी शक्ति के अपमान को नहीं भूलेगा।  डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 में जब यह विधेयक आया था, तब सभी दलों ने इसका समर्थन किया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने के समय विपक्ष पीछे हट गया। उन्होंने इसे अवसरवाद करार दिया।   

कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ
2023 के बिल को लागू करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में ही स्पष्ट किया गया था कि 2029 तक महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए 2029 के चुनावों में जनगणना के आधार की आवश्यकता थी, इसलिए मजबूरी में 2011 की जनगणना को आधार बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान जनगणना के आधार पर आकलन किया जाए, तो यह प्रक्रिया 2034 के बाद ही संभव हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ रहा है। सीएम ने कहा कि हमारा एकमात्र राज्य हैं, जहां 17 महिला कलेक्टर हैं। दिव्यांग संभागायुक्त हैं। 10 से ज्यादा जिले ऐस है, जहां एसपी और कलेक्टर महिला है। एक संभाग ऐसा है, जहां संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत, जनपद पंचायत सभी महिलाएं हैं। 

70 साल से अधिकार की लड़ाई
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि देश की महिलाएं पिछले 70 वर्षों से अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग लंबे समय से उठती रही, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में विपक्षी दलों ने केवल चुनावी मजबूरी में इस बिल का समर्थन किया, लेकिन अब इसके लागू होने की प्रक्रिया शुरू होते ही विरोध करने लगे। 

विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी 
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि लोकसभा में हुआ घटनाक्रम केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा मुद्दा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की मानसिकता महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक मुद्दे पर विपक्ष का रुख उसकी वास्तविक सोच को दर्शाता है और बिल के गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है। 

आज  निकलेगी नारी शक्ति वंदन यात्रा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार और पार्टी अब जनता के बीच जाएगी। उन्होंने बताया कि आज सोमवार को नारी शक्ति वंदन पदयात्रा निकाली जाएगी और पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन होगा।

सभी जिलों में प्रदर्शन किए जाएंगे। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर निंदा प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी और निंदा प्रस्ताव भी लाया जाएगा।

सीएम ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है, जिसका पर्दाफाश जनता के बीच किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह अभियान प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हो चुका है और अब हर स्तर पर इसे आगे बढ़ाया जाएगा, सरकार इस मुद्दे पर रुकने वाली नहीं है।

चुनाव में समय है, तो विपक्ष विरोध कर रहा
सीएम ने कहा कि 2023 में जिस अधिनियम को सभी ने पास किया था और समर्थन दिया था, उसी मामले में अब विपक्ष पलट गया। जब चुनाव नजदीक थे तो समर्थन किया, लेकिन अब जबकि चुनाव में समय है, तो विरोध कर रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मानसिकता लोकतांत्रिक नहीं, बल्कि अलगाववादी नजर आती है और मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।

सीएम ने कहा कि आज जब बहनों को अधिकार देने की बात आई, तो विपक्ष ने किंतु-परंतु लगाकर उन्हें अपमानित करने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले भी तीन तलाक जैसे मुद्दों पर गलत निर्णय लिए और महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की।

उत्तर-दक्षिण का विवाद बेवजह खड़ा किया जा रहा
सीएम ने कहा कि 1971 में देश की आबादी 55-54 करोड़ थी और आज 140 करोड़ से ज्यादा हो गई है, तो उसी अनुपात में सीटें भी बढ़नी चाहिए। गृहमंत्री ने इस विषय पर हर सवाल का जवाब दिया और स्पष्ट किया कि उत्तर-दक्षिण का विवाद बेवजह खड़ा किया जा रहा है। दक्षिण भारत में भी सीटें बढ़ेंगी।

सीएम ने कहा कि ऐसा लगता है विपक्ष ने तय कर लिया है कि बहनों को उनका हक नहीं देने देंगे। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले इस आरक्षण की बात क्यों नहीं की गई, यह भी सवाल है। जातिगत जनगणना बंद करने का पाप भी कांग्रेस के सिर पर है।

प्रदेश में प्रदयात्रा निकाली जाएगी
सीएम ने कहा कि भले ही संख्या बल में कोई आगे हो, लेकिन देश की बहनों का दिल दुखाने के लिए उन्हें माफ नहीं किया जाएगा। जनता सबसे बड़ी अदालत है। इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में सरकार, पार्टी और समाज के माध्यम से जन-जागरण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पदयात्रा और आक्रोश सभाएं आयोजित की जाएंगी। यह आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस इसकी पहली कड़ी है, इसके बाद प्रदर्शन किए जाएंगे। आगे विभिन्न जिलों, नगर पालिकाओं, नगर निगमों और नगर पंचायतों में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो विधानसभा का एकदिवसीय सत्र बुलाकर भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम रुकने वाले नहीं हैं।

 

By Admin

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