राजनांदगांव , ग्राम पंचायत खुर्सीपार स्थित बिल्हरी जलाशय के गहरीकरण के नाम पर जलाशय की मूल संरचना को नुकसान पहुंचाने वाली मेसर्स सेवासिंह ओबेराय एंड कंपनी, पद्मनाभपुर (दुर्ग) पर जल संसाधन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
विभाग ने कंपनी को दिए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कंपनी ने गहरीकरण के लिए तय सुरक्षा मानकों और शर्तों की जमकर धज्जियां उड़ाईं, जिससे भविष्य में बांध के फूटने या गंभीर क्षति होने की आशंका पैदा हो गई है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी, 60 की जगह 25 मीटर पर खुदाई की गई है।
कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन संभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कंपनी को जलाशय के डुबान क्षेत्र में बांध की पार से 60 मीटर की सुरक्षित दूरी छोड़कर खुदाई करनी थी। लेकिन मैदानी कर्मचारियों की जांच में यह खुलासा हुआ कि कंपनी मात्र 25-30 मीटर की दूरी पर ही गहरीकरण कर रही थी। इसके अलावा, कंपनी को केवल 0.60 मीटर गहराई तक मिट्टी निकालने की अनुमति मिली थी, जिसकी जगह 2 से 2.50 मीटर तक गहरा गड्ढा कर दिया गया। यह लापरवाही जलाशय की स्थाई संरचना के लिए बेहद खतरनाक मानी जा रही है।
न पौधरोपण किया, न निर्देशों को माना विभाग ने कंपनी को बांध के डाउन स्ट्रीम में ट्री-गार्ड के साथ 200 पौधे लगाने का निर्देश दिया था, जिसका पालन आज तक नहीं किया गया। बार-बार निर्देशों की अवहेलना और स्थाई संरचना को पहुंचाए गए नुकसान को देखते हुए विभाग ने कार्य रोकने के साथ ही क्षतिपूर्ति के निर्देश दिए हैं। ईई ने चेतावनी दी है कि यदि बांध को हुई क्षति को तत्काल ठीक नहीं कराया गया, तो सिंचाई अधिनियम के तहत कंपनी के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
