बिलासपुर। डा सीवी रमन विश्वविद्यालय कोटा के हॉस्टल से गायब एक छात्र के मामले में चौंकाने वाली बात सामने आ गई है। दिलचस्प बात यह है कि गायब छात्र नागपुर में गार्ड की नौकरी करता मिला है। जबकि उसके पिता ने छात्र के गायब होने के लिए छात्राओं को जिम्मेदार ठहराया और हत्या हो जाने तक की आशंका व्यक्त कर दी थी। छात्र की सकुशल वापसी के बाद उसके पिता और चाचा की करतूत सामने आ गई है, जो शर्मनाक है। रमन विश्वविद्यालय कोटा का छात्र रोहित कुमार आठ मार्च से बिना बताए हॉस्टल से कहीं चला गया था। इसकी सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसके पिता को फोन पर दे दी थी। पिता अमरेंद्र कुमार और चाचा निखिल कुमार गया, उत्तरप्रदेश से कोटा पहुंच गए थे। अपने बेटे के लापता होने पर काफी हंगामा भी मचाया था। एक माह बीतने के बाद छात्र का पता चल गया और उसे नागपुर में गार्ड की नौकरी करते देखा गया।
पुलिस ने यह मामला सुलझा लिया, इसके बाद पिता और चाचा ने छात्राओं से अभद्र व्यवहार किया था, धमकाया था आदि सारे मामले एक के बाद एक सामने आते गए। सबसे हैरत की बात यह है कि अमरेंद्र ने एक छात्रा का वीडियो बनाया और निखिल कुमार ने उससे गंदे- गंदे सवाल किए। यह छात्रा रमन विश्वविद्यालय में पढ़ती भी नहीं है। इन मामलों में बिलासपुर के कोनी थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने छात्रा को न केवल धमकाया, बल्कि परिजनों को भी फोन कर डरा दिया। इन्होंने छात्रा का भविष्य बर्बाद करने की धमकी दी। फिर छात्रा को बिलासपुर में रहने नहीं देने की बात की और रहने के एवज में ही रोज दो हजार रुपये देने का कहा।
घबराई छात्रा रोजाना दो हजार रुपये निखिल कुमार के खाते में भेजती रही। पुलिस ने जांच की तो रकम ट्रांजेक्शन के प्रमाण मिल गए हैं। इतना ही नहीं, छात्रा को मैसेज भेज कर कम पैसे देने की बात भी आरोपियों ने की है। छात्र ने 15 हजार रुपये भेज दिए थे। पुलिस ने माना है कि छात्र के परिजनों ने गंभीर अपराध किया है। इस कारण पूरे सबूत मिलने पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। छात्रा की रिपोर्ट के बाद रमन विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी दूसरी एफआईआर दर्ज करा दी है, इसके बाद जमानती धारा लगने के बाद भी दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।








