बालोद जिले के दरबारी नवागांव के ग्रामीणों ने गांव में बिक रही अवैध शराब को बंद कराने की प्रशासन से मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के जितेन्द्र कुमार (28) के आत्महत्या का कारण यही अवैध शराब है। ज्यादा शराब सेवन करने के कारण उसकी स्थिति खराब हुई और उसने आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों ने बताया कि शाम होते ही बालोद जिला मुख्यालय से अवैध शराब लोग उसे गांव में बेचते हैं। बार-बार मना करने के बाद भी किसी तरह का कोई सुधार देखने को नहीं मिला है।

महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि बहू-बेटियों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। शाम होते ही गांव का माहौल पूरी तरह खराब हो जाता है। लगभग 300 की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और अवैध शराब की बिक्री बंद करने की प्रशासन से मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस प्रशासन को मामले से अवगत कराते हैं। पुलिस कार्रवाई भी करती है, लेकिन अवैध शराब बेचने वालों के हौसले इतने बुलंद है कि वह फिर से अपना काम धाम शुरू कर देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आखिर इन अवैध शराब माफियाओं को किसका शय प्राप्त है।

गांव से करेंगे बहिष्कृत
ग्रामीणों ने बताया कि शासन प्रशासन से वे गुहार लगाकर थक गए हैं। अवैध शराब गांव में आसानी से मिल जाती है, इसलिए पीने वालों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है। ग्रामीणों ने कहा यदि इस बार कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो ग्रामीण स्तर पर बैठक कर के सभी अवैध शराब माफियाओं को गांव में रहने नहीं देंगे और उन्हें गांव से बहिष्कृत कर देंगे, तभी गांव में शांति हो पाएगी। 

By kgnews

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