उज्जैन काल भैरव मंदिर में अब VIP दर्शन की सुविधा, 500 रुपये शुल्क पर मिलेगी विशेष एंट्री

उज्जैन 
मध्यप्रदेश के उज्जैन में राजाधिराज महाकाल के कोतवाल बाबा कालभैरव मंदिर में अब प्रोटोकॉल दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को 500 रुपए शुल्क चुकाना होगा। नई व्यवस्था बुधवार 20 मई से लागू की जा रही है। शुल्क जमा करने वाले श्रद्धालुओं को विशेष व्यवस्था के तहत गर्भगृह तक ले जाया जाएगा, जहां वे पुजारी के माध्यम से बाबा कालभैरव को मदिरा का भोग अर्पित कर दर्शन कर सकेंगे।

500 रुपये बाबा कालभैरव के VIP दर्शन

मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं को 500 रुपए की अधिकृत रसीद दी जाएगी। इसके बाद उन्हें सामान्य कतार से अलग गर्भगृह तक पहुंचाया जाएगा। श्रद्धालु अपने साथ लाई मदिरा पुजारी को सौंपेंगे और उनके सामने ही बाबा को भोग लगाया जाएगा। यह शुल्क महाकाल के विभिन्न दर्शन शुल्क के मुकाबले दोगुना है।

प्रतिदिन पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
कालभैरव मंदिर में प्रतिदिन करीब 50 से 60 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं पर्व और त्योहारों पर यह संख्या एक लाख से अधिक हो जाती है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और प्रोटोकॉल दर्शन की मांग को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की जा रही है।

महाकाल मंदिर की तर्ज पर शुरू हुई व्यवस्था
महाकाल मंदिर में पहले से ही विभिन्न दर्शन और आरती व्यवस्थाएं सशुल्क संचालित हैं। भस्म आरती में प्रवेश के लिए प्रति श्रद्धालु 200 रुपए शुल्क लिया जाता है। वहीं संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपए ऑनलाइन शुल्क निर्धारित है। शीघ्र दर्शन व्यवस्था भी 250 रुपए में उपलब्ध है। इसी तर्ज पर अब कालभैरव मंदिर में भी प्रोटोकॉल दर्शन की सुविधा लागू की गई है, हालांकि शुल्क दोगुना रखा गया है।

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सीमित संख्या में रहेगी शुरुआत
प्रोटोकॉल से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल सीमित संख्या में यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर आगे इसकी समीक्षा कर व्यवस्था को और सुचारू बनाने पर निर्णय लिया जाएगा।

संध्या मार्कण्डेय, प्रशासक, कालभैरव मंदिर

बाहरी तत्वों पर कसेगी लगाम
फिलहाल वीआइपी प्रोटोकॉल वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था लागू की है। यह इसलिए किया जा रहा है, ताकि बाहरी तत्वों के चुंगल में फंसकर ये श्रद्धालु वैसे ही रुपए देकर गर्भगृह तक पहुंच रहे थे, तो यह राशि इस तरह से अब मंदिर की आय का स्रोत बनेगी। सामान्य श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था नि:शुल्क है।

एलएन गर्ग, एसडीएम

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