CG : जिले में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता …

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दुर्ग । कृषकों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में जिले में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का वितरण शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। फसलों की अवस्थाओं के आधार पर यूरिया आवश्यकता 3 किस्तों में वितरण की जाएगी। जिसमें दीर्घ श्रेणी के कृषकों को केवल यूरिया दो किस्तों में उर्वरकों का वितरण और लघु श्रेणी के कृषकों को यूरिया का वितरण उनके रकबे के आधार पर एकमुश्त की जा रही है।

उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में किसान भाईयों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में सतत् भंडारण एवं वितरण की कार्यवाही की जा रही है। जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 15910 मीट्रिक टन यूरिया, 2643 मीट्रिक टन डीएपी, 2919 मीट्रिक टन एनपीके, 4544 मीट्रिक टन एमओपी तथा 6956 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 32970 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है। सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 6054 मीट्रिक टन यूरिया, 2195 मीट्रिक टन डीएपी, 2042 मीट्रिक टन एनपीके, 2016 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3575 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 15882 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 9856 मीट्रिक टन यूरिया, 447 मीट्रिक टन डीएपी, 877 मीट्रिक टन एनपीके, 2528 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3381 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 17089 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।

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जिले की सहकारी समितियों में धान एवं अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का उठाव और वितरण सुचारू रूप से जारी है। वर्तमान में जिले को सहकारी क्षेत्र के लिए 29827 क्वि. प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य है। जिसके विरूद्ध 31134 क्वि. बीज की उपलब्धता है और समितियों में 17013.40 क्वि. बीज का भण्डारित किया गया है जिसमें से 11066.40 क्वि. बीज वितरण किया जा चुका है। विभाग द्वारा नकली एंव घटिया खाद-बीज की बिक्री को रोकने के लिये उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है, ताकि कृषकों को गुणवत्ता युक्त बीज/उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।

कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाईयों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले की सहकारी समितियों में खाद एवं प्रमाणित बीज की कोई कमी नहीं है। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सुगमता से समितियों में जाकर खाद-बीज प्राप्त कर सकते है।

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