पेड़ काटने पर सख्ती! HC में पेश हुई ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026, एक पेड़ के बदले लगाने होंगे 20 पौधे

ग्वालियर
मध्यप्रदेश सरकार ने विकास परियोजनाओं के दौरान पेड़ों की कटाई को कम करने के उद्देश्य से 'ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी-2026' का मसौदा तैयार किया है।  यह ड्राफ्ट हाई कोर्ट की डबल बेंच के समक्ष पेश किया गया।

प्रस्तावित नीति के तहत सड़क, मेट्रो, रेलवे और फ्लाईओवर जैसी परियोजनाओं में पेड़ों को काटने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से दूसरी जगह प्रत्यारोपित करने पर जोर दिया गया है।

थाटीपुर पुनर्विकास परियोजना के बाद बनी नीति
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ग्वालियर के थाटीपुर पुनर्विकास परियोजना के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ों का प्रत्यारोपण किया गया था। बाद में पर्याप्त देखरेख नहीं होने से कई पेड़ नष्ट हो गए। इस मामले में हाई कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सरकार से स्पष्ट नीति बनाने को कहा था।

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद तैयार हुआ ड्राफ्ट
न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिए थे कि पेड़ों के प्रत्यारोपण और कटाई से संबंधित कार्य वैज्ञानिक मानकों और स्पष्ट नीति के आधार पर किए जाएं। इसके बाद राज्य सरकार ने ट्री ट्रांसलोकेशन पॉलिसी का मसौदा तैयार किया।

पेड़ काटना नहीं होगा पहला विकल्प
प्रस्तावित नीति के अनुसार किसी भी निर्माण एजेंसी को यह साबित करना होगा कि परियोजना के डिजाइन में बदलाव कर पेड़ों को बचाने के सभी विकल्पों पर विचार किया गया है।

यदि पेड़ों को हटाना अपरिहार्य हो, तो प्रभावित पेड़ों में से कम से कम 80 प्रतिशत का वैज्ञानिक तरीके से प्रत्यारोपण करना होगा।

जियो-टैगिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग
नीति में प्रत्यारोपित पेड़ों और उनके स्थान पर लगाए जाने वाले नए पौधों की जियो-टैगिंग का प्रावधान किया गया है। इसके लिए एक केंद्रीकृत ऑनलाइन डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा।

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डैशबोर्ड पर पेड़ों की लोकेशन, तस्वीरें और रखरखाव से जुड़ी जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।

नए पौधे लगाने की भी व्यवस्था
ड्राफ्ट के अनुसार प्रत्यारोपित किए गए प्रत्येक पेड़ के बदले निर्धारित संख्या में नए पौधे लगाने होंगे। इन पौधों की निगरानी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी।

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