उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने श्योपुर एवं सिंगरौली मेडिकल कॉलेज के संचालन की वृहद समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने श्योपुर एवं सिंगरौली मेडिकल कॉलेज के संचालन की वृहद समीक्षा की

समयबद्ध रूप से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

भोपाल

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने श्योपुर एवं सिंगरौली शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की शैक्षणिक एवं चिकित्सीय व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि दोनों महाविद्यालयों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर संचालन को उच्च गुणवत्ता एवं दक्षता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में फैकल्टी की उपलब्धता, तृतीय श्रेणी (नॉन-गजेटेड) कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती, चिकित्सा उपकरणों एवं फर्नीचर की उपलब्धता, आवश्यक प्रोक्योरमेंट कार्यों की प्रगति, विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं और आउटसोर्स मानव संसाधन की व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि फैकल्टी सहित सभी आवश्यक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। चिकित्सा उपकरणों, फर्नीचर और अन्य संसाधनों की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जाए और आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति, वेतन भुगतान एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि दोनों चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन में सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि श्योपुर एवं सिंगरौली जैसे आकांक्षी क्षेत्रों में स्थापित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय स्थानीय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने दोनों महाविद्यालयों के निर्माण एवं विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और विद्यार्थियों एवं मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार, अपर संचालक स्वास्थ्य मनोज कुमार सरयाम, प्रभारी अधिष्ठाता (डीन) शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय श्योपुर सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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