जिले में जुलाई बारिश के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ है। जुलाई में जिलेभर में 475 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। यह बीते चार साल में जुलाई की औसत बारिश से अधिक है। आमतौर पर जुलाई में अधिकतम 400 मिमी तक बारिश होती है।
इन दिनों मानसून ब्रेक की स्थिति हैं। बीते चार दिनों से बारिश थमी हुई है। वहीं मौसम विभाग ने अगस्त में मानसून के कमजोर होने का अनुमान जारी किया है। मौसमी तंत्र अल नीनों को इसकी वजह बताई जा रही है। जो दक्षिण पश्चिम मानसून को कमजोर कर सकती हैं। जिसकी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में अगस्त में औसत से काफी कम बारिश का अनुमान लगाया गया हैं।
जिले में जुलाई और अगस्त की बारिश की महत्वपूर्ण साबित होती है। फसलों के ग्रोथ के लिहाज से भी अगस्त की बारिश जरुरी हैं। लेकिन मौसम विभाग आईएमडी के जारी किए गए पूर्वानुमान के मुताबिक बीते सालों की बारिश की तुलना में इस बार अगस्त की बारिश कमजोर रहेगी।
बारिश थमते ही उमस और गर्मी में बढ़ोतरी हुई बीते चार दिनों से जिले में बारिश थमी हुई है। इससे तेज धूप की स्थिति बन रही हैं। तापमान का स्तर भी 34 डिग्री के पार हो गया हैं। वहीं भीषण उमस की स्थिति भी बनी हुई हैं। सोमवार शाम को बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने यह स्थिति 5 अगस्त तक बने रहने की संभावना जताई हैं। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में वृद्धि होगी। हालांकि अब तक बारिश को लेकर कोई मजबूत तंत्र नहीं बन पाया हैं। ऐसे में 5 अगस्त के बाद होने वाली बारिश हल्की ही रहेगी।
धान की बुवाई पूरी हुई सब्जी की आवक घटी जुलाई की अच्छी बारिश के बीच किसानों ने धान की बोनी पूरी कर ली है। जिसमें में 1 लाख 69 हजार हेक्टेयर रकबे में धान की बोनी की गई है। हालांकि लगातार हुई बारिश ने सब्जी फसल को कुछ नुकसान पहुंचाया हैं। जिसके चलते सब्जी की आवक पहले से कमजोर है। किसानों ने बताया कि सप्ताह भर मौसम साफ रहा तो सब्जी फसल क आवक भी रफ्तार पकड़ेगी। इससे कीमत में भी गिरावट आएगी। खेतों में खाद डालने और खरपतवार की सफाई करने में जुटे हैं।














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