मछली बीज उत्पादन से किसान रयतु राम ने लिखी सफलता की नई कहानी

मछली बीज उत्पादन से किसान रयतु राम ने लिखी सफलता की नई कहानी

बस्तर के किसान ने दो माह में अर्जित किए 30 हजार रूपए, मत्स्यपालन से बढ़ी आय और आत्मनिर्भरता

शासकीय योजनाओं से मिली सहायता और नई पहचान, अब व्यवसाय विस्तार की तैयारी

रायपुर,
 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश के किसान नवाचारों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। इसी कड़ी में बस्तर जिले के ग्राम पंचायत सिवनी (हिरलाभाटा) निवासी प्रगतिशील किसान रयतु राम ने मछली बीज (स्पॉन) उत्पादन अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। कम समय में बेहतर आय अर्जित कर उन्होंने यह साबित किया है कि आधुनिक तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन के साथ मत्स्यपालन किसानों के लिए लाभकारी आजीविका का सशक्त माध्यम बन सकता है।

एक एकड़ तालाब से दो माह में मिली 30 हजार रूपए की आय
        रयतु राम ने अपनी कुल 5 एकड़ कृषि भूमि में से लगभग एक एकड़ क्षेत्र में बने तालाब में इस वर्ष मछली बीज उत्पादन का कार्य शुरू किया। उन्होंने बताया कि इस सीजन में तालाब में लगभग 30 पैकेट स्पॉन डाले गए। अब तक वे लगभग 60 किलोग्राम मछली बीज 500 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से बेच चुके हैं, जिससे उन्हें 30 हजार रूपए की आय प्राप्त हुई है। तालाब में अभी भी 40 से 50 किलोग्राम मछली बीज उपलब्ध है, जिसकी बिक्री से उन्हें 20 से 25 हजार रूपए अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है।

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संघर्ष के बाद मिली सफलता
         रयतु राम ने बताया कि शुरुआती दौर में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। तालाब में तिलापिया जैसी अवांछित मछलियों की मौजूदगी, बोरवेल की सुविधा का अभाव और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। लेकिन इस बार उन्होंने तालाब की वैज्ञानिक ढंग से सफाई की, समय पर दाना-पानी की व्यवस्था की तथा मत्स्यपालन विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन का पालन किया। इसके परिणामस्वरूप उन्हें मछली बीज उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता मिली।

अब व्यवसाय विस्तार की तैयारी
         इस सीजन की सफलता से उत्साहित रयतु राम अब अपने खेत में एक नया तालाब तैयार कर मछली बीज उत्पादन का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। उनका कहना है कि यदि बाजार में बीज की मांग और विभागीय सहयोग इसी प्रकार मिलता रहा, तो वे इस व्यवसाय को बड़े स्तर पर विकसित करेंगे। इससे उनकी आय में और वृद्धि होगी तथा आसपास के किसानों को भी गांव में ही गुणवत्तापूर्ण मछली बीज आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

अन्य मत्स्यपालकों के लिए भी बनी प्रेरणा
        मत्स्यपालन विभाग की स्पॉन संवर्धन योजना के अंतर्गत रयतु राम के गांव के मनकी बघेल, दयमती बघेल और जग्गु मौर्य भी लाभान्वित होकर मछली बीज उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इन किसानों की सफलता से क्षेत्र में मत्स्यपालन के प्रति रुचि बढ़ी है और यह गतिविधि ग्रामीणों के लिए आय संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है।

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