राजनांदगांव : शिक्षा विभाग सक्रिय, सप्ताहभर में शिक्षक की व्यवस्था का आश्वासन …

राजनांदगांव : शिक्षा विभाग सक्रिय, सप्ताहभर में शिक्षक की व्यवस्था का आश्वासन …

डोंगरगढ़/ कलकसा : ग्राम तोतलभर्री की प्राथमिक शाला में भवन और शिक्षकों की कमी को लेकर दैनिक भास्कर में 14 अगस्त को “तोतलभर्री में स्कूल भवन नहीं, पांचवीं तक के 70 बच्चों को पढ़ाने सि​र्फ एक शिक्षक’ हैडिंग से प्रकाशित खबर का असर अब दिखाई देने लगा है। खबर प्रकाशन के बाद शिक्षा विभाग सक्रिय हुआ और संकुल प्राचार्य, संकुल समन्वयक ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों तथा स्कूल से जुड़े लोगों से चर्चा की।

विभाग की ओर से एक सप्ताह के भीतर शिक्षक की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया गया है। तोतलभर्री की प्राथमिक शाला का पुराना भवन जर्जर होने के कारण डिस्मेंटल किया जा चुका है। नए भवन की स्वीकृति अब तक नहीं होने से स्कूल का संचालन वर्तमान में सामुदायिक भवन में किया जा रहा है। स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक करीब 70 बच्चे अध्ययनरत हैं, जबकि पांचों कक्षाओं की जिम्मेदारी फिलहाल एक शिक्षक शिवराम वर्मा के भरोसे है।

आज तालाबंदी नहीं करने बनी सहमति ग्रामीणों की मांग और पूर्व में दी गई आंदोलन की चेतावनी के बाद संकुल प्राचार्य व संकुल समन्वयक महेंद्र कंवर गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर शिक्षक की कमी दूर करने के लिए एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने भी विभाग के आश्वासन के बाद तत्काल 15 अगस्त को तालाबंदी नहीं करने पर सहमति जताई है। बैठक में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि स्कूल भवन की समस्या का समाधान भी जल्द होना चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि यदि एक माह के भीतर भवन की स्थिति को लेकर ठोस पहल नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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स्कूल में 70 बच्चों की पढ़ाई का सवाल ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक की व्यवस्था केवल अस्थायी समाधान है। बच्चों के लिए सुरक्षित और स्थायी स्कूल भवन भी जरूरी है। पांच कक्षाओं के करीब 70 बच्चों की पढ़ाई एक शिक्षक के भरोसे चलना गंभीर स्थिति है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से भवन निर्माण की स्वीकृति और पर्याप्त शिक्षकों की स्थायी व्यवस्था की मांग की है। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि विकासखंड के कई गांवों की पाठशालाओं में भी भवन और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। विभाग को केवल तोतलभर्री ही नहीं, बल्कि ऐसे सभी स्कूलों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्था करनी चाहिए।

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