भोपाल
राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (राष्ट्रीय रैंकिंग) के तीसरे संस्करण का रविवार को भोपाल के बड़ा तालाब स्थित जल क्रीड़ा केन्द्र (बोट क्लब) में समापन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चैम्पियनशिप की विजेता-उपविजेता टीमों को पुरस्कृत कर विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों का सम्मान किया। इस राष्ट्रीय रैंकिंग में भोपाल की सेलिंग टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह चैम्पियनशिप जीती और सबकी सराहना प्राप्त की। गोवा की सेलिंग टीम उपविजेता रही और सिकन्दराबाद की सेलिंग टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब परिसर से सेलिंग टीमों की प्रदर्शन बोट्स का मुआयना भी किया।
खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेल हमारी पहचान हैं। बीते कुछ सालों से भोपाल में खेल गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। भोपाल में 18 प्रमुख खेलों में से 11 खेलों की अकादमियां संचालित है। राष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाओं की मेजबानी के बाद अब हम अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की खेल स्पर्धाओं की मेजबानी के लिए आगे बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भोपाल को खेलों की राजधानी बनाना चाहती हैं। इसके लिए हमने हर साल खेल विभाग का बजट बढ़ाया है। हमारी सरकार प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम बनाकर खिलाड़ियों को स्तरीय सुविधाएं मुहैया कराने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में हमारा प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है। कभी 17वें स्थान पर रहने वाला मध्यप्रदेश आज अपने बेहतर प्रदर्शन से इस मामलें में पूरे देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हमारा देश खेलों की दुनिया में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत को मिल चुकी हैं। हम वर्ष 2036 में होने वाले ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि खेल, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों सभी के समान विकास के लिए हम प्रदेश में सभी जरूरी संसाधन मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की झीलों की लहरों पर देश के श्रेष्ठ सेलिंग खिलाड़ियों का हुनर दिखना हमारे लिए गौरव की बात है। हमारा लक्ष्य केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करना ही नहीं है। हम प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय रैंकिंग से आगे अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। भोपाल की झीलें अब हमारी जल क्रीड़ा में महारत हासिल करने की इच्छुक खेल प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने का बड़ा जरिया बन रही हैं। उन्होंने कहा कि राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप के सफल आयोजन से भोपाल की पहचान देश के प्रमुख वाटर स्पोर्ट्स केंद्र के रूप में मजबूत हुई है।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने कहा कि खेलों के विकास के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का रूझान सराहनीय है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में हम भोपाल में एक खेल संग्रहालय भी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि भोपाल की बड़ी झील में विभिन्न जल खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अब शिकारें भी चल रहे है। हमारी सरकार खेल और पर्यटन के समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अब देश-दुनिया की प्रतियोगिताओं में मेडल लाकर प्रदेश का नाम रौशन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं खेल मंत्री सारंग ने चैम्पियनशिप की विजेता भोपाल टीम और उपविजेता गोवा की टीम को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री ने विजेता टीम के खिलाड़ियों वासु चन्द्रवंशी, माही वर्मा, तुलसी पटले, एकलव्य बाथम, वंशिका सिकरवार, इयान पाटीदार, प्रार्थना भोई, अंकित सिसौदिया, समर पंचेश्वर एवं सिद्धि टंडन सहित टीम के सभी प्रशिक्षकों जीएल यादव, राम मिलन, नरेन्द्र एस राजपूत एवं अनिल शर्मा को मंच से पुरस्कृत किया। इस अवसर पर ग्लासगो में हाल ही में सम्पन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स – 2026 के प्रतिभागी मध्यप्रदेश के विजेता खिलाड़ियों कुमारी यामिनी मौर्य (जूडो-रजत पदक), समरदीप सिंह गिल (एथलेटिक्स-पुरुष शॉट पुट-सातवां स्थान), देवकुमार मीणा (एथलेटिक्स-पुरुष पोल वॉल्ट-चौथा स्थान) एवं कुलदीप कुमार (एथलेटिक्स-पुरुष पोल वॉल्ट-छठा स्थान) को सम्मानित किया। इसी प्रकार सीनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैम्पियनशिप 2026 में भारतीय महिला ईपीईई टीम ने स्वर्ण पदक एवं ईपीईई एकल स्पर्धा में रजत पदक हासिल करने वाली खिलाड़ी सु खुशी दाभाड़े को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सोलहवी हॉकी इंडिया जूनियर चैम्पियनशिप में रजत पदक विजेता हॉकी टीम के सभी खिलाड़ियों सर्व करन गौतम, आयुष रजक, सोहेल अली, आनंद यादव, लव, विश्वेश सिंह ठाकुर, अशिर आदिल, राजवीर, हर्ष, शुभान, नवीन इक्का, तोहिद को सम्मानित किया।
इस अवसर पर सचिव खेल संजीव सिंह, मेजर जनरल टीएसए नारायणन, अजय वास्तव, अमित वास्तव, विक्रम अवार्डी सु एकता यादव सहित वायएआई के पदाधिकारी एवं इस सेलिंग चैम्पियनशिप में भाग लेने आए खिलाड़ी उपस्थित थे। संयुक्त संचालक खेल बीएस यादव ने आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि विगत 11 से 16 अगस्त तक आयोजित प्रतियोगिता में देश के 12 सेलिंग क्लब्स ने सहभागिता की। नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल की टीम ने 20 मेडल हासिल कर पहला स्थान, नेवी यूथ स्पोट्स कंपनी गोवा की टीम ने दूसरा स्थान और सिकन्दराबाद सेलिंग क्लब, सिकन्दराबाद की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। चैम्पियनशिप में सभी 12 सेलिंग क्लब्स के कुल 87 सेलर्स (खिलाड़ियों) ने भाग लिया। भोपाल की अपर लेक पर खिलाड़ियों ने कौशल, संतुलन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। प्राकृतिक झीलों के कारण भोपाल सेलिंग, रोइंग, कायकिंग और केनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल है। वर्ष 2007 में स्थापित मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी में सेलिंग सहित विभिन्न जल क्रीड़ाओं की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक कई अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक अर्जित किए हैं तथा विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता की है।














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