CG : छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी, अगले 24 घंटे संभलकर …

CG : छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी, अगले 24 घंटे संभलकर …

रायपुर: बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया का छत्तीसगढ़ में आज भी असर देखने को मिलने के आसार हैं. उत्तरी और मध्य इलाकों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान बादल गरजने-चमकने और बिजली गिरने की स्थिति बनी सकती है. मौसमी सिस्टम के अगले 48 घंटे में उत्तरी ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. रायपुर में बादल, बारिश के आसार- 2 सितंबर को रायपुर शहर में आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा. कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. शहर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

मौसम विभाग ने बुधवार सुबह कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बादल गरजने, आकाशीय बिजली, 40-60 किमी की रफ्तार से हवा और बारिश की संभावना जताई गई है. इन इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा और बलरामपुर में बारिश होने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है.

प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई और बलरामपुर ज़िले में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हुई . प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान राजनन्दगांव में 31 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में 21.4 डिग्री सेल्सियसदर्ज किया गया. सबसे अधिक वर्षा चांदो में 15 सेमी हुई. इसके बाद रामचंद्रपुर में 12, रामानुजगंज और वाड्रफनगर में 8-8, बलरामपुर, कुसमी, सामरी, रघुनाथनगर और राजपुर में 7-7 सेमी बारिश हुई. चलगली और शंकरगढ़ में 6-6 सेमी, बलौदा बाजार, सोनाखान और जनकपुर भरतपुर में 5-5 सेमी, दौरा कोचली, भाटापारा और भटगांव में 4-4 सेमी तथा मुकडेगा, बसना, कसडोल, लटोरी, पिथौरा और पलारी में 3-3 सेमी बारिश हुई. इसके अलावा प्रदेश के अनेक अन्य स्थानों पर इससे कम वर्षा दर्ज की गई.

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