अतिरिक्त तार जोड़ रखा था। उसने इस तार को सीधे बिजली के प्लग में लगाया था। इसी दौरान अचानक करंट प्रवाहित होने से उसकी दोनों हाथों की तर्जनी उंगलियां तार से चिपक गईं। वह खुद को तार से अलग नहीं कर सका और करंट की चपेट में आ गया। घर पहुंचे चाचा ने देखा तो उड़ गए होश घटना के समय रविन्द्र सिंह के चाचा ठाकुर सिंह सब्जी लेने के लिए अपने भतीजे के घर पहुंचे थे। जैसे ही वे घर के अंदर गए तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। रविन्द्र जमीन पर गिरा हुआ था और करंट की चपेट में आकर तड़प रहा था। रविन्द्र ने अपने चाचा को देखकर मदद के लिए आवाज लगाई। उसने चिल्लाते हुए कहा कि उसे बिजली का करंट लग रहा है और तार को छुड़ाने के लिए कहा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ठाकुर सिंह ने तत्काल स्विच बोर्ड से तार निकाल दिया। इसके बाद बिजली का प्रवाह बंद हुआ, लेकिन तब तक रविन्द्र गंभीर रूप से झुलस चुका था।
अस्पताल पहुंचने से पहले गई जान करंट से बुरी तरह झुलसे रविन्द्र को परिजन तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उदयपुर लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसकी जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने परीक्षण के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। मोबाइल चार्ज करने के लिए किया गया मामूली सा जुगाड़ इस तरह जानलेवा साबित होगा, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।
सूचना पर पहुंची उदयपुर पुलिस घटना की जानकारी उदयपुर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना के संबंध में परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना किन परिस्थितियों में हुई और बिजली के तार को किस तरह चार्जर से जोड़ा गया था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मोबाइल चार्जर में अतिरिक्त तार जोड़कर सीधे बिजली के प्लग से कनेक्शन किए जाने के कारण यह हादसा हुआ। असुरक्षित तरीके से बिजली के तारों का इस्तेमाल करना युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ।
बिजली से जुड़े जुगाड़ से बचना जरूरी यह घटना बिजली उपकरणों के साथ असुरक्षित तरीके से छेड़छाड़ के गंभीर खतरे को भी सामने लाती है। खुले तारों, खराब चार्जर या अस्थायी कनेक्शन का इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है। बिजली से संबंधित किसी उपकरण में खराबी आने पर खुद तार जोड़ने के बजाय सुरक्षित उपकरण का इस्तेमाल और जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन की सहायता लेना जरूरी है। फिलहाल उदयपुर पुलिस घटना की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।















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