चारों जिले के किसानों ने बेहतर मानसून और अच्छे उत्पादन की आस में अब तक 1500 करोड़ रुपए कर्ज लिया है। अब तक ऋण वितरण का 84 फीसदी लक्ष्य पूरा हो गया। वहीं 30 सितंबर तक किसानों को ऋण वितरण किया जाएगा।
राजनांदगांव सहित एमएमसी, केसीजी, कबीरधाम जिले में खरीफ सीजन के लिए करीब 1531 करोड़ का फसल ऋण वितरित किया जा चुका है। किसानों को नगद के साथ खाद, बीज और अन्य कृषि जरूरतों के लिए वस्तु ऋण शामिल है। अब तक 619 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत की तुलना में बेहतर है। अच्छी बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त पानी है और किसान फसल की देखभाल में जुटे हैं।
खाद डालने का काम चल रहा है। विभाग द्वारा किसानों को रोग और किटों से बचाने दवा छिड़काव की सलाह दे रहें है। कुछ इलाकों में कीट प्रकोप को देख किसानों को कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना पड़ रहा है। बारिश का क्रम आगे भी बना रहा तो फसलों को फायदा मिलेगा। खेतों में पर्याप्त नमी होने से फसल फिलहाल अच्छी है। जिले में 1.69 लाख हेक्टेयर में खरीफ सीजन के धान की बोनी की गई है।
महंगाई और कृषि लागत बढ़ने से कर्ज ज्यादा लिया खरीफ सीजन की शुरूआत में शासन स्तर से बीजों का दाम बढ़ाया गया था। इस सीजन में सहकारी समितियों से खाद लेने नई व्यवस्था लागू की गई। नई व्यवस्था के तहत बने खाद के चार समूहों में किसी एक समूह का चयन कर किसानों को खाद लेनी पड़ी। बड़े किसानों को ज़रुरत के मुताबिक खाद नहीं मिलने पर उन्होंने महंगी कीमत पर निजी कृषि केन्द्रों से खाद खरीदी। मशीनरी और मजदूरी, खाद-बीज, दवा कीटनाशक में ज्यादा खर्च आने और महंगाई बढ़ने से इस बार ज्यादा किसानों ने ज्यादा कर्ज लिया है।
















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