कवर्धा। जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र के ग्राम कांदावानी में ग्रामीण रामसिंह बैगा की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक जादू-टोना करने के संदेह को लेकर हुए विवाद के बाद रामसिंह को बरसाती नाले की ओर ले जाया गया और वहां लाठी, पत्थर तथा हाथ-मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की गई। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि घटना में शामिल बताए जा रहे दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना 9 सितंबर की है। ग्राम कांदावानी में चैतराम बैगा का दशगात्र कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान गांव के कई लोग मौजूद थे।
इसी दौरान जादू-टोना करने के संदेह को लेकर रामसिंह बैगा का कुछ लोगों के साथ विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद रामसिंह को कुछ लोग अपने साथ बरसाती नाले की तरफ ले गए। वहां उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने लकड़ी की लाठी, पत्थर और हाथ-मुक्कों से रामसिंह पर हमला किया। लगातार मारपीट के कारण उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद कुकदूर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से मामले से जुड़े जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों की तलाश शुरू की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हत्या का केस रामसिंह बैगा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत हत्यात्मक प्रकृति की पाए जाने के बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई। जांच और पूछताछ के दौरान पुलिस को घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके आधार पर महर सिंह बैगा, धनसू बैगा और जोगी बैगा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं वारदात में शामिल बताए जा रहे दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है।
लाठी और पत्थर किए गए जब्त पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए जाने का दावा की गई लकड़ी की लाठी और पत्थर सहित अन्य सामग्री जब्त की है। इन वस्तुओं को मामले में साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया गया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। नाबालिगों के संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास और जादू-टोने के संदेह से पैदा होने वाली हिंसा के गंभीर परिणाम को सामने रखा है। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।















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