CG : छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान: सामान्य वर्षा का 99.9% कोटा पूरा

CG : छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान: सामान्य वर्षा का 99.9% कोटा पूरा

राज्य भर में अब तक कुल 988.5 मिमी औसत बारिश

बलरामपुर में रिकॉर्ड तो बेमेतरा व कांकेर में राहत का इंतजार

पिछले 24 घंटों के भीतर प्रदेश में 12.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज

​रायपुर,  छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून की मेहरबानी से जल संकट काफी हद तक दूर हो चुका है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी बारिश रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 13 सितंबर 2026 तक प्रदेश में औसत सामान्य वर्षा की 99.9% आपूर्ति दर्ज की जा चुकी है। राज्य भर में अब तक कुल 988.5 मिमी औसत बारिश हुई है, जो पिछले 10 वर्षों के 989.9 मिमी के ऐतिहासिक औसत के बिल्कुल बराबर है। वहीं पिछले 24 घंटों के भीतर प्रदेश में 12.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई, जिसमें दंतेवाड़ा जिले में सर्वाधिक 46.3 मिमी बारिश हुई है।


        ​वर्षा आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में मानसून का रूप भिन्न रहा है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले ने 1482.8 मिमी कुल बारिश और सामान्य औसत के मुकाबले 177% वर्षा के साथ पूरे प्रदेश में बाजी मारी है। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में औसत का 146.3%, रायपुर में 131.8%, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 127.1% और महासमुंद में 125.7% बारिश दर्ज की गई है। मैदानी जिलों में बलौदाबाजार, मुंगेली, गरियाबंद और धमतरी जैसे इलाकों में भी सामान्य से अधिक वर्षा होने से कृषि गतिविधियों को काफी मजबूती मिली है।


        ​दूसरी ओर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अब भी अच्छी बारिश की दरकार बनी हुई है। बेमेतरा जिला प्रदेश भर में सबसे कम 563.8 मिमी (औसत का 78.2%) वर्षा के साथ तालिका में सबसे नीचे है। सरगुजा संभाग के मुख्य सरगुजा जिले में केवल 589.4 मिमी (79.7%) बारिश ही हो पाई है। वहीं बस्तर संभाग के कांकेर जिले में ऐतिहासिक औसत की तुलना में मात्र 67.1% (924.5 मिमी), सुकमा में 70.5% (975.2 मिमी) और बीजापुर में 74.7% (1313.0 मिमी) ही वर्षा दर्ज की गई है, हालांकि नारायणपुर (1352.7 मिमी) और दंतेवाड़ा (1216.0 मिमी) में बस्तर के अन्य जिलों की तुलना में बेहतर स्थिति है।

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        ​मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों की बात करें तो बिलासपुर (963.0 मिमी), कोरबा (1056.9 मिमी), दुर्ग (742.4 मिमी), सक्ती (927.8 मिमी) और जशपुर (894.7 मिमी) जैसे जिलों ने अपने 10-वर्षीय औसत के लगभग 95% से 107% तक का आंकड़ा हासिल कर लिया है, जो संतुलित स्थिति को दर्शाता है। राजनांदगांव, कबीरधाम, रायगढ़, कोंडागांव और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से थोड़ा कम रहने के बावजूद खरीफ फसलों के लिए राहतजनक स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष की ओर से आगामी दिनों में भी कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है।

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